पीपलखूंट सीएचसी पहुंचीं आरसीएच निदेशक डॉ. मधु रितेश्वर, एचआरपी स्क्रीनिंग और लेबर रूम व्यवस्थाओं की परखी हकीकत
प्रतापगढ़ के पीपलखूंट सीएचसी में आरसीएच निदेशक डॉ. मधु रितेश्वर ने एचआरपी स्क्रीनिंग अभियान, लेबर रूम और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण कर अहम निर्देश दिए।

तस्वीर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लेबर रूम के भीतर आरसीएच निदेशक डॉ. मधु रितेश्वर (दाएं से दूसरी), सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा (बाएं से दूसरे) और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आपस में चर्चा कर रहे हैं।
गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) स्क्रीनिंग अभियान की जमीनी स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान की निदेशक (आरसीएच) डॉ. मधु रितेश्वर ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीपलखूंट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया तथा क्षेत्र में संचालित एचआरपी स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि निदेशक आरसीएच ने सीएचसी पीपलखूंट के लेबर रूम, गायनिक वार्ड, प्रतीक्षा कक्ष, निःशुल्क दवा वितरण व्यवस्था सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने लेबर रूम में संक्रमण नियंत्रण, साफ-सफाई, उपकरणों की उपलब्धता तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी दिए।
निरीक्षण के बाद आयोजित सेक्टर बैठक में डॉ. मधु रितेश्वर ने आशा सहयोगिनियों एवं एएनएम से सीधे संवाद कर एचआरपी स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत एएनसी जांच सुनिश्चित किए बिना हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान संभव नहीं है। उन्होंने प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित रूप से रक्तचाप (बीपी), रक्त शर्करा (शुगर), हीमोग्लोबिन, मूत्र जांच सहित सभी आवश्यक एएनसी जांचें निर्धारित समय पर कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्क्रीनिंग एवं रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर स्तर पर क्रॉस मॉनिटरिंग करने पर विशेष जोर दिया।
सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि जिले में संचालित विशेष एचआरपी स्क्रीनिंग अभियान के तहत स्वास्थ्य दल घर-घर पहुंचकर गर्भवती महिलाओं की जांच एवं ट्रैकिंग कर रहे हैं। ड्यू-लिस्ट के अनुसार नियमित टीकाकरण किया जा रहा है तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को आवश्यकता पड़ने पर रेफरल व्यवस्था, उच्च संस्थान तक पहुंचने की प्रक्रिया तथा सुरक्षित प्रसव के संबंध में परामर्श भी दिया जा रहा है।
बैठक में आरसीएचओ डॉ. जगदीप खराड़ी ने जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा टीकाकरण की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। वहीं सीएचसी प्रभारी डॉ. अंकित अग्रवाल ने पीपलखूंट सीएचसी में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी तथा सेक्टर एमओआईसी भी उपस्थित रहे।
जिले में अप्रैल से जुलाई 2026 तक कुल 6,374 एएनसी पंजीकरण किए गए हैं। इस अवधि में 553 हाई रिस्क गर्भवतियों (एचआरपी) की पहचान की गई, जबकि विशेष अभियान के दौरान अब तक 159 गर्भवतियों की ट्रैकिंग की जा चुकी है। शेष गर्भवतियों की जांच आगामी पीएमएसए दिवस 18 तारीख को की जाएगी। निरीक्षण और समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देशों का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और प्रभावी बनाते हुए हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान एवं सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।

Pratahkal Bureau
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