प्रतापगढ़ में अपराधियों पर काल बना 'राजपासा': 11 संगीन वारदातों वाले कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सुखलाल जोगी पर पुलिस का वज्रपात
प्रतापगढ़ में कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 संगीन मामलों के आरोपी हिस्ट्रीशीटर सुखलाल जोगी को 'राजपासा' के तहत जेल भेज दिया है। जिला कलेक्टर अंजलि राजोरिया और एसपी बी. आदित्य के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई से अपराधियों में खौफ है। पढ़ें पूरी खबर और जानें कैसे पुलिस ने इस शातिर अपराधी पर कसा शिकंजा।

प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। लंबे समय से दहशत का पर्याय बने और जिले की शांति भंग करने वाले शातिर हिस्ट्रीशीटर सुखलाल जोगी को 'राजपासा' (राजस्थान समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 2006) के तहत शिकंजे में लेकर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के सख्त तेवरों और कुशल निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने न केवल अपराधियों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि आमजन को सुरक्षा का एक मजबूत भरोसा भी दिलाया है।
अपराध की दुनिया में अपनी पैठ जमाने वाला सुखलाल जोगी, जो रठांजना थाना क्षेत्र के साबाखेड़ा का निवासी है, लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। आरोपी के खिलाफ प्रतापगढ़ सहित पड़ोसी जिलों बांसवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में मारपीट, जानलेवा धमकी, चोरी और लूट जैसे कुल 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। थानाधिकारी रठांजना द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस प्रतिवेदन और साक्ष्यों के आधार पर जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अंजलि राजोरिया ने त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने राजपासा अधिनियम की धारा 3(1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरोपी को निरुद्ध करने के आदेश जारी किए। गृह विभाग से विधिवत अनुमोदन प्राप्त होने के बाद, 16 जनवरी 2026 को पुलिस ने इस शातिर अपराधी को प्रतापगढ़ जिला कारागृह में निरुद्ध कर दिया।
पुलिस जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सुखलाल जोगी के संबंध अन्य अंतरराज्यीय शातिर अपराधियों से रहे हैं। उसकी लगातार सक्रियता और आपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में न केवल भय का माहौल व्याप्त था, बल्कि इसके चलते सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा था। लोक शांति को बहाल करने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई में थानाधिकारी रठांजना विजेन्द्र सिंह, सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मण सिंह, एमओबी शाखा के दीपक कुमार व आशीष कुमार, तथा थाना कोतवाली प्रतापगढ़ के श्यामलाल की टीम ने अत्यंत सराहनीय और सक्रिय भूमिका निभाई। प्रतापगढ़ पुलिस की इस कठोर कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जिले में अपराध और खौफ का साम्राज्य चलाने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
