प्रतापगढ़ में यूनिसेफ की पोषण जांच: साढ़े छह माह का भव्य दोषी पूरी तरह स्वस्थ मिला, सर्वे जारी
प्रतापगढ़ में यूनिसेफ की संयुक्त टीम ने बच्चों के पोषण सर्वे के दौरान साढ़े छह माह के भव्य दोषी को पूरी तरह स्वस्थ पाया, जबकि कुपोषित बच्चों के फॉलोअप की प्रक्रिया भी जारी है।

प्रतापगढ़ में सर्वे के दौरान बच्चे के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की जांच करती स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ से संबद्ध टीम। तस्वीर में (बाएं से दाएं) एक पुरुष अधिकारी दस्तावेज़ देखते हुए, दो महिला कर्मचारी और एक महिला गोद में शिशु को लिए खड़ी दिखाई दे रही हैं।
प्रतापगढ़ में यूनिसेफ से संबद्ध रीजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी (आरसीओई), रविंद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज उदयपुर और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों के पोषण स्तर का सर्वे किया जा रहा है। शनिवार को टीम ने शहर की तेलियों की गली में बच्चों के पोषण की जांच की, जहां साढ़े छह माह का एक शिशु पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।
आरसीओई के रजनीश चोरड़िया एवं उन्नति संस्थान के राजमल मीणा ने बताया कि प्रत्येक गांव एवं शहरी क्षेत्र से रेंडम आधार पर कम से कम 20 बच्चों का चयन कर उनके वजन, लंबाई और पोषण स्तर की जांच की जा रही है। इस सर्वे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता निकिता साल्वी और ऊषा गुर्जर भी सहयोग कर रही हैं।
जांच के दौरान तेलियों की गली निवासी रोहित दोषी और रानू दोषी के साढ़े छह माह के पुत्र भव्य दोषी का वजन 7.8 किलोग्राम तथा लंबाई 67.3 सेंटीमीटर दर्ज की गई। टीम के अनुसार यह वजन और लंबाई इस आयु के शिशु के लिए पूरी तरह संतोषजनक और स्वस्थ मानी गई। बेहतर पोषण सुनिश्चित करने के लिए टीम ने भव्य के माता-पिता की सराहना भी की।
टीम ने बताया कि सर्वे के दौरान चिन्हित कुपोषित बच्चों का फॉलोअप जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरज सेन के मार्गदर्शन में किया जाएगा। आवश्यकता होने पर ऐसे बच्चों को जिला अस्पताल के एमटीसी (पोषण उपचार केंद्र) में भर्ती कर उचित उपचार और पोषण उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ. धीरज सेन ने बताया कि कम वजन, लंबाई के अनुपात में कम वजन अथवा अन्य पोषण संबंधी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों को समय पर उपचार देकर स्वस्थ बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि यूनिसेफ के कुपोषण मुक्त बचपन के उद्देश्य को सफल बनाया जा सके।
जिले में जयपुर से यूनिसेफ सलाहकार बिनय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में तीन टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सर्वे कर रही हैं। अब तक करीब आठ गांवों में बच्चों की पोषण जांच पूरी की जा चुकी है। अन्य टीमों में मनमोहन (आरसीओई) एवं लोकेश (उन्नति संस्थान) तथा शाहिद (आरसीओई) एवं पन्नालाल (उन्नति संस्थान) शामिल हैं। जिले में जारी यह सर्वे बच्चों के पोषण स्तर का आकलन करने के साथ ही कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
