प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले से जालसाजी और शातिर दिमाग की एक ऐसी दास्तां सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया है। वर्दी की धमक दिखाकर लोगों को डराने और एक सरकारी शिक्षिका को प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने वाले एक नटवरलाल का अरनोद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। खुद को राजस्थान पुलिस का जवान बताकर हेयर सैलून में मुफ्त कटिंग कराने से लेकर समाज में रौब झाड़ने वाला यह युवक अब अपनी असली जगह यानी जेल की कालकोठरी में पहुंच चुका है।

इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ जब 24 जनवरी 2026 को अरनोद थाना पुलिस को मुखबिर से एक संदिग्ध 'पुलिसकर्मी' के बारे में सूचना मिली। जिला पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व पुलिस उप अधीक्षक (वृत्त अरनोद) के सुपरविजन में थानाधिकारी अरनोद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जब हेड कांस्टेबल पंकज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम तस्दीक के लिए कस्बे के बस स्टैंड स्थित एक हेयर सैलून पर पहुंची, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। दुकानदार ने बड़े सम्मान से एक युवक को 'जय हिंद' कहा। जब असली पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की, तो उसने बड़े आत्मविश्वास के साथ खुद को राजस्थान पुलिस का हिस्सा बताया और सबूत के तौर पर मोबाइल में वर्दी वाली तस्वीरें दिखाने लगा।

पकड़े गए आरोपी की पहचान उमेश डामोर (23 वर्ष), पुत्र लक्ष्मण लाल डामोर, निवासी सोबनिया (थाना पीपलखूंट) के रूप में हुई है। जब पुलिस लाइन प्रतापगढ़ से इसके रिकॉर्ड की जांच करवाई गई, तो विभाग के पास इस नाम का कोई कर्मचारी ही मौजूद नहीं था। पुलिस की सख्ती के आगे उमेश का झूठ ज्यादा देर टिक नहीं पाया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने शादी के बाजार में अपनी साख बनाने के लिए राजस्थान पुलिस की फर्जी वर्दी सिलवाई और फोटोशूट करवाया। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के जरिए उसने एक सेकंड ग्रेड शिक्षिका को इस कदर गुमराह किया कि उसने उसे असली पुलिसकर्मी मानकर शादी कर ली।

आरोपी की चालाकी यहीं खत्म नहीं होती थी। वह बीते साल 2023 से अपनी पत्नी के साथ अरनोद में किराए के मकान में रह रहा था। अपनी पहचान को पुख्ता करने के लिए वह अक्सर पुलिस लाइन और थानों के चक्कर लगाता था और वहां तैनात असली पुलिसकर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाता था, ताकि मोहल्ले वालों और रिश्तेदारों को कभी शक न हो। वह इसी वर्दी का डर दिखाकर स्थानीय दुकानदारों पर रौब झाड़ता और छोटे-मोटे फायदे उठाता था।

पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी वर्दी, मोबाइल फोन और पुलिसकर्मियों के साथ खिंचवाई गई भ्रामक तस्वीरें बरामद कर ली हैं। आरोपी के खिलाफ सरकारी कर्मचारी का प्रतिरूपण करने और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि वर्दी का सम्मान करने के साथ-साथ उसकी प्रामाणिकता के प्रति भी सजग रहना जरूरी है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे का अनुसंधान कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने इस फर्जी पहचान के दम पर और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story