प्रतापगढ़: रामद्वारा में श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव का समापन
प्रतापगढ़ रामद्वारा में आयोजित भागवत कथा के समापन पर भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें संत शंभूराम महाराज ने सत्संग और स्वदेशी को अपनाने का संदेश दिया।

प्रतापगढ़ के रामद्वारा में श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के अंतिम दिन संत शंभूराम महाराज द्वारा श्रद्धालुओं को संबोधित किया गया।
प्रतापगढ़। अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के प्रतापगढ़ रामद्वारा में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव का विश्व शांति एवं सर्वकल्याण की पावन कामना के साथ भव्य समापन हुआ। आयोजन के अंतिम दिन, विराम दिवस पर आयोजित विशाल भंडारे एवं महाप्रसादी कार्यक्रम में आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। देर रात तक अनवरत चले इस महाप्रसादी कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
समारोह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के भंडारी संत शंभूराम महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल श्रवण करने की वस्तु नहीं है, बल्कि इसे अपने जीवन में आत्मसात करना ही वास्तविक साधना है। उन्होंने रेखांकित किया कि भागवत श्रवण से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं और जीवन में भक्ति, ज्ञान तथा वैराग्य का उदय होता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सत्संग और गुरु भक्ति ही मानव जीवन के अंतिम लक्ष्य मोक्ष को प्राप्त करने का एकमात्र सुलभ मार्ग है।
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए संत शंभूराम महाराज ने कहा कि आज पूरा विश्व युद्ध जैसे भयावह हालातों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में देशहित को सर्वोपरि रखते हुए सभी नागरिकों को देश के प्रधान सेवक के संदेशों का दृढ़ता से पालन करना चाहिए। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का आह्वान करते हुए कहा कि इससे ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना सशक्त होगी, जिससे राष्ट्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इस विशाल भंडारे की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने हेतु आयोजन समिति के सैकड़ों कार्यकर्ता पूरे समय पूरी निष्ठा के साथ मुस्तैद रहे। शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव के साथ भोजन प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति द्वारा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी। इस भंडारे की सबसे बड़ी विशेषता सामाजिक समरसता रही, जहाँ सभी लोग बिना किसी भेदभाव के एक ही पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण करते नजर आए, जिसने क्षेत्र में एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की। कार्यक्रम के सफल समापन पर आयोजन समिति ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी सेवादारों, श्रद्धालुओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त किया।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
