प्रतापगढ़: खेती और सेवा के संगम से संजीवनी संस्थान ने लिखी नई इबारत, सेवानिवृत्त कृषि अधिकारी भी हुए कार्यों के कायल
प्रतापगढ़ में संजीवनी सेवा संस्थान के कार्यों का सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी महेंद्र वर्मा ने अवलोकन किया। सहजन की औषधीय खेती और कन्यादान महादान योजना की सराहना करते हुए उन्होंने भविष्य में मार्गदर्शन का भरोसा दिया। संस्थान के सचिव अमर सिंह सहित टीम ने इस दौरे को सामाजिक सरोकार की दिशा में प्रेरणादायी बताया।

प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर सामाजिक बदलाव और कृषि नवाचार की एक नई लहर देखने को मिल रही है। यहाँ संचालित 'संजीनी सेवा संस्थान' इन दिनों अपनी अनूठी योजनाओं के कारण चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इसी क्रम में आज संस्थान के कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण बौद्धिक और अनुभवजन्य संवाद की झलक देखने को मिली, जब सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी महेंद्र वर्मा ने संस्थान की गतिविधियों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। इस दौरे ने न केवल संस्थान के प्रयासों को आधिकारिक सराहना दिलाई, बल्कि भविष्य के लिए कृषि विकास के नए द्वार भी खोल दिए हैं।
संस्थान के परिसर में पहुँचते ही सेवानिवृत्त अधिकारी महेंद्र वर्मा ने सहजन (मोरिंगा) आधारित औषधीय खेती के प्रोजेक्ट का गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने मोरिंगा की खेती को स्वास्थ्य और आय के नजरिए से क्रांतिकारी बताया। इसके साथ ही, संस्थान द्वारा संचालित 'कन्यादान महादान योजना' के सेवा कार्यों को देखकर वे काफी प्रभावित हुए। वर्मा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में समाज को ऐसी संस्थाओं की नितांत आवश्यकता है जो न केवल मानवता की सेवा करें, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तकनीकी और औषधीय खेती की ओर प्रेरित भी करें। उन्होंने संस्थान की प्रशंसा करते हुए यह आश्वासन दिया कि भविष्य में जब भी कृषि प्रशिक्षण या जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन होगा, वे स्वयं उपस्थित होकर अपने वर्षों के अनुभव से संस्थान का मार्गदर्शन करेंगे।
इस गरिमामयी अवसर पर संस्थान के सचिव अमर सिंह ने मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। अमर सिंह ने कहा कि महेंद्र वर्मा जैसे अनुभवी और विशेषज्ञ अधिकारियों का साथ मिलना संस्थान के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है। कार्यक्रम के दौरान जिला सहायक अनुसिया मीणा, फील्ड अधिकारी दिलीप सिंह देवड़ा, मांगीलाल सूर्यवंशी और तंबोली सहित संस्थान के तमाम सदस्यों ने अतिथि का अभिनंदन किया। अनुभवी विशेषज्ञ के इस दौरे ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प और सही मार्गदर्शन का मिलन हो, तो सामाजिक सेवा के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी बड़े सकारात्मक परिवर्तन लाए जा सकते हैं।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
