प्रतापगढ़: रोडवेज बसें या मालगाड़ी? मंदसौर-अहमदाबाद रूट पर बिना टिकट लगेज का काला खेल, यात्रियों की सुरक्षा ताक पर
प्रतापगढ़ में रोडवेज बसों की आड़ में चल रहा है अवैध सामान परिवहन का बड़ा खेल! मंदसौर-अहमदाबाद रूट पर बिना लगेज टिकट के ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है माल। चालक-परिचालकों की मनमानी से रोडवेज को लग रहा है लाखों का चूना और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में। क्या प्रशासन लेगा एक्शन? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

प्रतापगढ़। राजस्थान रोडवेज की बसें, जो आम जनता के सुगम सफर का आधार मानी जाती हैं, अब अवैध कमाई का 'अड्डा' बनती जा रही हैं। मंदसौर से अहमदाबाद के बीच दौड़ने वाली रोडवेज बसों में इन दिनों यात्रियों से ज्यादा माल को तरजीह दी जा रही है। नियमों को ताक पर रखकर बिना लगेज टिकट के भारी-भरकम सामान का परिवहन किया जा रहा है, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को हजारों का चूना लग रहा है, बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में डाली जा रही है। यह पूरा खेल चालक और परिचालक की मिलीभगत से खुलेआम अंजाम दिया जा रहा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस रूट पर चलने वाली कुछ विशेष बसों के चालक और परिचालक अपनी जेबें भरने के लिए रोडवेज को प्रतिदिन भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा रहे हैं। बसों की डिक्की से लेकर यात्री दीर्घा तक में सामान को इस कदर ठूंस-ठूंसकर भरा जा रहा है कि यात्रियों को बैठने और चलने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। बिना रसीद और बिना आधिकारिक रिकॉर्ड के ढोए जा रहे इस सामान के बदले चालक और परिचालक मोटी रकम वसूल रहे हैं, जिसका कोई भी हिसाब सरकारी खाते में दर्ज नहीं होता।
सफर कर रहे यात्रियों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बसों की स्थिति अब मालवाहक गाड़ियों जैसी हो गई है। भारी सामान के कारण बस के भीतर आवाजाही पूरी तरह बाधित रहती है। यात्रियों का यह भी तर्क है कि यदि सफर के दौरान कोई आपातकालीन स्थिति पैदा होती है, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। हैरानी की बात यह है कि लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर संबंधित अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। नियमों की बात करें तो रोडवेज बसों में किसी भी प्रकार के लगेज के लिए निर्धारित शुल्क और आधिकारिक रसीद अनिवार्य है, लेकिन धरातल पर नियम केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहे हैं।
जब इस धांधली को लेकर मौके पर चालक और परिचालक से पूछताछ की गई, तो वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते हुए नजर आए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रोडवेज और परिवहन विभाग के आला अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग का कहना है कि नियमों की अवहेलना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी चालक-परिचालकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रतापगढ़ के जागरूक नागरिकों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और बसों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुखद हो सके।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
