प्रतापगढ़: अरनोद में टेम्पो पलटने से 10 वर्षीय बालक की मौत, 10 ग्रामीण घायल
कनाड में सामाजिक कार्यक्रम से लौटते समय सेवना के पास अनियंत्रित होकर पलटा टेम्पो, सालमगढ़ पुलिस ने दर्ज किया मामला।

सालमगढ़ थाने में सड़क हादसे की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे मृतक बालक के परिजन और कार्रवाई की जानकारी देते हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार।
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में गुरुवार देर रात एक ह्रदय विदारक सड़क हादसा सामने आया, जहां खुशियों के माहौल के बीच मातम पसर गया। अरनोद उपखंड के कनाड क्षेत्र में आयोजित एक सामाजिक 'नोत' कार्यक्रम से लौट रहे ग्रामीणों से भरा टेम्पो सेवना के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में 10 वर्षीय एक मासूम बालक की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों सहित करीब 10 अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटनाक्रम के अनुसार, रायपुर क्षेत्र के करीब 30 से 40 लोग गुरुवार रात लगभग 9 बजे एक टेम्पो में सवार होकर कनाड गौतमेश्वर में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने गए थे। कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात देर रात करीब 2 बजे जब सभी ग्रामीण वापस रायपुर लौट रहे थे, तभी सेवना गांव के समीप चालक का नियंत्रण बिगड़ने से वाहन सड़क पर ही पलट गया। हादसे के तत्काल बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस और सालमगढ़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को सर्वप्रथम दलोट अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में कोटड़ा थाना पिपलौदा निवासी 10 वर्षीय बालक सिकंदर पुत्र मुकेश डामोर गंभीर रूप से घायल हो गया था। बताया जा रहा है कि सिकंदर अपने पिता के साथ अपने नाना राव्या मईडा के परिवार में आयोजित कार्यक्रम में आया था, जिसकी जिला अस्पताल में उपचार के दौरान सांसे थम गईं। अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, हादसे में कालुराम (50), खुशी (5), ईश्वर (15), कानू (21), तारा (15), बादल (2), आदेश (6 माह), दिनेश (58), हीरालाल (30) और बहादुर (35) घायल हुए हैं, जिनका उपचार निरंतर जारी है।
कानूनी कार्रवाई की जानकारी देते हुए सालमगढ़ थाने के हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने मृतक के पिता की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। फिलहाल पुलिस वाहन के अनियंत्रित होने के सटीक कारणों की गहनता से जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर ओवरलोडिंग और देर रात के सफर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसने एक परिवार का चिराग बुझा दिया।

