प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ छेड़ा गया 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' अब अपना प्रचंड रूप दिखाने लगा है। पुलिस की पैनी नजरों और सख्त घेराबंदी ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा दिया है। इसी अभियान के तहत कोटड़ी थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक तस्कर को भारी मात्रा में अवैध गांजे के साथ दबोचने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि जिले की सीमाओं के भीतर अवैध मादक पदार्थों का काला कारोबार अब ज्यादा दिनों तक पैर नहीं पसार पाएगा।

घटनाक्रम के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के सख्त निर्देशों पर पूरे जिले में नशा मुक्ति और तस्करी रोकने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह जोधा एवं वृत्ताधिकारी अरनोद चन्द्रशेखर पालीवाल के कुशल मार्गदर्शन में थानाधिकारी कोटड़ी रोहित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यह टीम क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही थी।

5 जनवरी 2026 की शाम जब सूरज ढल रहा था, तब कोटड़ी पुलिस की टीम राती तलाई तिराहे पर नाकाबंदी कर वाहनों और संदिग्धों की जांच कर रही थी। तभी भचुण्डला की ओर से एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति पैदल आता दिखाई दिया, जिसके हाथ में एक थैला था। पुलिस टीम को देखते ही उस व्यक्ति की चाल में घबराहट साफ नजर आने लगी, जिसने पुलिस के संदेह को यकीन में बदल दिया। घेराबंदी कर जब उस व्यक्ति को रोका गया और उसके पास मौजूद थैले की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी कान खड़े हो गए। थैले के भीतर से कुल 1 किलो 133 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों द्वारा वैध अनुज्ञा पत्र या दस्तावेज मांगने पर आरोपी कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से अवैध गांजा जब्त कर अभियुक्त को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 58 वर्षीय पन्नालाल पिता तुलसीराम बलाई, निवासी मीरावता, थाना कोटड़ी के रूप में हुई है। कोटड़ी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इस बात की गहन तफ्तीश की जा रही है कि तस्करी के इस जाल के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं।

प्रतापगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेलने का प्रयास कर रहे हैं। 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' की इस सफलता ने स्थानीय प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को और सुदृढ़ किया है।

Dilip Sen, Pratapgarh

Dilip Sen, Pratapgarh

नाम: दिलीप सेन

वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म

परिचय 

दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक भास्कर
  • सीधा सवाल
  • सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
  • प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।

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