प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में अपराधियों के खिलाफ छिड़े 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत पुलिस को एक ऐसी कामयाबी हाथ लगी है, जिसने सीमावर्ती इलाकों में तस्करी के नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। जिला स्पेशल टीम (DST) और अरनोद थाना पुलिस ने फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए 50 हजार रुपये के मोस्ट वांटेड इनामी तस्कर शाहरुख उर्फ टोनी को एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। पिछले चार वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा यह शातिर अपराधी अब सलाखों के पीछे है। टोनी के खिलाफ प्रतापगढ़ से लेकर मध्य प्रदेश के रतलाम तक हत्या के प्रयास, मादक पदार्थों की तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे आठ से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

घटनाक्रम की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई, जब पुलिस को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली कि शाहरुख उर्फ टोनी अपने गांव देवल्दी स्थित फार्म हाउस पर छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही अरनोद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी शुरू की। पुलिस की आहट पाते ही टोनी अपने साथी जेरी उर्फ सारिक के साथ स्पोर्ट्स बाइक पर सवार होकर कच्चे रास्तों से भागने लगा। जब पुलिस ने उसे ललकारा, तो खुद को घिरता देख टोनी ने पुलिस टीम पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की नीयत से फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

करीब दो किलोमीटर तक चले इस रोंगटे खड़े कर देने वाले पीछा (Chese) के दौरान, टोनी ने निर्माणाधीन पावर हाउस के पास एक बरसाती नाले में छलांग लगा दी। नाले में गिरते समय पत्थरों से टकराने के कारण उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। हालांकि, इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर उसका साथी जेरी उर्फ सारिक फरार होने में कामयाब रहा। फायरिंग की गूंज सुनते ही डीएसटी और क्यूआरटी सहित अतिरिक्त पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर एक अवैध पिस्टल, छह जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि शाहरुख उर्फ टोनी अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई के सिंडिकेट का एक मुख्य मोहरा था। पुलिस पर हमले के आरोप में उसके खिलाफ एक और नया मामला दर्ज किया गया है। प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास को सुदृढ़ किया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी जेरी की तलाश में दबिश दे रही है और पकड़े गए तस्कर से उसके नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।

Dilip Sen, Pratapgarh

Dilip Sen, Pratapgarh

नाम: दिलीप सेन

वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म

परिचय 

दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक भास्कर
  • सीधा सवाल
  • सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
  • प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।

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