प्रतापगढ़: अरनोद में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का बड़ा प्रहार, सात बाइक जब्त और वांटेड तस्करों की घेराबंदी
प्रतापगढ़ के अरनोद में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 मोटरसाइकिलें जब्त कीं और एक को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के नेतृत्व में देवल्दी गांव में दी गई दबिश से 18 इनामी फरार अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने साफ किया है कि तस्करों की गिरफ्तारी तक यह अभियान थमेगा नहीं।

प्रतापगढ़। राजस्थान के सीमावर्ती प्रतापगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के कड़े तेवरों और 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत अरनोद थाना क्षेत्र के गांव देवल्दी में सघन छापेमारी की गई, जिससे तस्करी और अपराध की दुनिया में हड़कंप मच गया है। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल बिना नंबर की संदिग्ध मोटरसाइकिलों का जखीरा बरामद किया, बल्कि वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए उनके ठिकानों को भी पूरी तरह से घेर लिया।
अरनोद क्षेत्र में तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह जोधा और पुलिस उप अधीक्षक चन्द्रशेखर पालीवाल के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया था। कार्रवाई के दौरान देवल्दी गांव में अलग-अलग स्थानों पर अचानक दी गई दबिश ने संदिग्धों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। मौके से पुलिस ने सात बिना नंबर की मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिनका उपयोग संभवतः तस्करी की गतिविधियों में किया जा रहा था। इस दौरान जोधपुर निवासी अशोक पिता जियाराम (31 वर्ष) को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अरनोद का दुर्गम क्षेत्र अब अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहा।
कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों की सूची लंबी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अरनोद और आसपास के थानों में एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास, मारपीट और फायरिंग जैसे संगीन मामलों में 18 खूंखार अपराधी लंबे समय से फरार चल रहे हैं। पुलिस ने इन सभी की कुंडली खंगालते हुए गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। इन वांछितों में याकुब, साहिल, शेरदिल उर्फ ददु, दशरथ, आसीफ, वाहिद खां, परवेज, शाहरुख, ईरान, शेर खान, जमशेद उर्फ सेठ लाल, आलम उर्फ सरफराज, अरबाज, शाहरुख उर्फ सरफराज खां, जावेद खां, कृष्ण उर्फ कारेश्वर डांगी और गुड्डा मीणा के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। गौरतलब है कि इन फरार आरोपियों पर पुलिस ने 15 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक का नकद इनाम भी घोषित कर रखा है।
पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इन वांछित अपराधियों के परिजनों को पाबंद किया है कि वे अपराधियों को पुलिस के समक्ष पेश करें, अन्यथा कठोर वैधानिक कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। पुलिस ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और इनाम की राशि भी प्रदान की जाएगी। यह कार्रवाई केवल एक छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि जब तक आखिरी वांछित अपराधी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता, दबिश और नाकाबंदी का यह सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
