प्रतापगढ़: तस्कर उस्मान खान की 2.78 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) में कार्रवाई, फरार आरोपी की स्कॉर्पियो, फॉर्च्यूनर और आलीशान मकान समेत कई संपत्तियां कुर्क।

। जिला पुलिस द्वारा 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के अंतर्गत मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध एक ऐतिहासिक और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के तहत पुलिस ने फरार आरोपी उस्मान खान द्वारा अवैध तस्करी के माध्यम से अर्जित की गई लगभग 2 करोड़ 78 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज करने के नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन की इस कठोर कार्रवाई ने जिले के तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि कार्रवाई की नींव 21 फरवरी को पड़ी, जब अरनोद थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान नारायण लाल मीणा नामक मोटरसाइकिल सवार को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 2 किलो 708.6 ग्राम ब्राउन शुगर और 1 किलो 723.2 ग्राम संदिग्ध केमिकल बरामद हुआ। इस संदर्भ में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर सघन जांच शुरू की गई। अनुसंधान के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि जब्त मादक पदार्थ मुख्य आरोपी उस्मान खान द्वारा सप्लाई के लिए भेजे गए थे। पुलिस दबिश की भनक लगते ही उस्मान खान मौके से फरार हो गया, जिसके बाद न्यायालय से उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट भी जारी कराया गया, परंतु वह निरंतर फरार चल रहा है।
फरार आरोपी पर नकेल कसने के लिए पुलिस टीम ने उसकी वित्तीय पृष्ठभूमि की गोपनीय जांच की, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए। तस्कर उस्मान खान ने बेहद कम समय में मादक पदार्थों की काली कमाई से स्वयं और अपने परिजनों के नाम पर विलासितापूर्ण संपत्तियां खड़ी कर ली थीं। चिन्हित की गई संपत्तियों में गांव देवल्दी में आवासीय पट्टे पर निर्मित लगभग 50 लाख रुपए का आलीशान मकान, करीब 1 करोड़ रुपए मूल्य का एक फार्महाउस, 18 लाख रुपए की स्कॉर्पियो और 30 लाख रुपए की फॉर्च्यूनर कार शामिल है। इतना ही नहीं, उसने तस्करी की आय से 5 मारवाड़ी व काठियावाड़ी नस्ल के घोड़े और 10 मूर्रा नस्ल की भैंसें भी खरीदी थीं, जिनकी बाजार कीमत करीब 80 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस जांच में यह पुष्ट हुआ कि आरोपी के पास आय का कोई वैध स्रोत या पैतृक संपत्ति उपलब्ध नहीं है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह वैभव केवल ब्राउन शुगर, एमडी और डोडाचूरा की तस्करी से ही अर्जित किया गया है।
पुलिस द्वारा इन अवैध संपत्तियों को फ्रीज करने का विस्तृत प्रस्ताव 9 अप्रैल 2026 को सक्षम प्राधिकरण, नई दिल्ली को प्रेषित किया गया था। प्राधिकरण की स्वीकृति मिलते ही 13 अप्रैल 2026 को पुलिस ने आरोपी और उसके सहयोगियों के विरुद्ध विधिवत फ्रीजिंग नोटिस जारी किए और संबंधित संपत्तियों पर जब्ती के बोर्ड चस्पा कर दिए। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मादक पदार्थ तस्करी के जाल में संलिप्त अपराधियों और उनके संरक्षकों के विरुद्ध 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और उनकी अवैध कमाई को पूर्णतः ध्वस्त किया जाएगा।a

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