प्रतापगढ़: ड्रग तस्कर जमशेद खान की 2.50 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस ने देवल्दी में तस्कर के आलीशान मकान पर कार्रवाई की, एनडीपीएस एक्ट के तहत दिल्ली से मिली मंजूरी।

प्रतापगढ़ के देवल्दी गांव में आरोपी जमशेद खान की अवैध संपत्ति पर जब्ती का नोटिस बोर्ड लगाते अरनोद थाना पुलिस के अधिकारी और जवान।
प्रतापगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के अंतर्गत अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसा गया है। इस कार्रवाई में आरोपी जमशेद खान उर्फ सेठ लाल्ला निवासी देवल्दी की करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्ति को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रतापगढ़ एसपी बी आदित्य ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों की लगातार पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना अरनोद के थानाधिकारी शिवलाल मीणा द्वारा आरोपी की चल-अचल संपत्तियों की गहन वित्तीय जांच की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अवैध कमाई के दम पर गांव देवल्दी में एक आलीशान मकान का निर्माण कराया, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मामले की शुरुआत 30 मार्च 2026 को हुई, जब रतलाम जिले के पिपलोदा थाना पुलिस को सूचना मिली कि कंचनखेड़ी और बोरखेड़ा के बीच स्थित एक पोल्ट्री फार्म में एमडी ड्रग बनाई जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां से 200 ग्राम एमडी ड्रग, 900 ग्राम केमिकल पाउडर (2-ब्रोमो-4 मिथाइल प्रोपियोफेनोन), विभिन्न केमिकल से भरी केन, एचसीएल तथा करीब 140 किलो से अधिक रसायन और उपकरण बरामद किए गए। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 में प्रकरण दर्ज किया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी जमशेद खान लंबे समय से एमडी, ब्राउन शुगर और डोडाचूरा की तस्करी में सक्रिय रूप से लिप्त है। उसके पास आय का कोई वैध स्रोत या पैतृक संपत्ति नहीं पाई गई, इसके बावजूद उसने कम समय में करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी कर ली, जिससे उसके अवैध नेटवर्क और तस्करी के कारोबार की गहराई उजागर होती है।
पुलिस ने आरोपी की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित करते हुए 30 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (SAFEMA/FOP) को फ्रीजिंग प्रस्ताव भेजा, जिसे स्वीकृति मिलते ही संपत्ति को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस द्वारा मौके पर संपत्ति पर बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिससे स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति अब कानून के शिकंजे में है।
प्रतापगढ़ पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थ तस्करों और उनके सहयोगियों के खिलाफ इसी तरह सख्त और प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर जब्त करने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी, ताकि समाज में नशे के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
