प्रतापगढ़ पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) 2012 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के सभी थाना अधिकारियों और बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशील, प्रभावी और विधिसम्मत कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना रहा।

जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश महेंद्र दवे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह जोधा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला अपराध एवं अनुसंधान प्रकोष्ठ बलवीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान पॉक्सो अधिनियम 2012 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के महत्वपूर्ण प्रावधानों, अनुसंधान की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन, बाल पीड़ितों के अधिकार, बाल-मित्रवत पूछताछ तथा न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, गुमशुदा एवं संकटग्रस्त बच्चों की पहचान, उनके बचाव और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने सभी बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों से बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कार्यशाला में केस स्टडी और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों की व्यावहारिक क्षमता विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में विधिसम्मत, संवेदनशील और बाल हितैषी पुलिसिंग को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण रही।

Pratahkal Bureau

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