प्रतापगढ़: नेशनल हाईवे-56 बायपास के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
पीपलखूँट के आदिवासियों ने भूमि अधिग्रहण और पेसा एक्ट के उल्लंघन का हवाला देते हुए बायपास की जगह ओवरब्रिज निर्माण की मांग की है।

प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध छेड़े गए विशेष अभियान “ऑपरेशन त्रिनेत्र” के अंतर्गत पुलिस ने एक निर्णायक प्रहार करते हुए दो कुख्यात तस्करों की करोड़ों की काली कमाई पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के कुशल निर्देशन में हथुनिया थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तस्करी से अर्जित करीब 1 करोड़ 12 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज करने की सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र के ड्रग माफियाओं के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
पुलिस की इस वित्तीय जांच में तस्करों द्वारा अवैध आय से निर्मित किए गए दो आलीशान मकान और एक लग्जरी स्कॉर्पियो वाहन को चिन्हित किया गया था। इस प्रकरण की पृष्ठभूमि 30 दिसंबर 2025 की है, जब धोलापानी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए हथुनिया निवासी शाहरूख खान और दिलावर खान को 1 किलो 203 ग्राम घातक मेफेड्रोन (एमडी) के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था।
गहन अनुसंधान के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि दोनों आरोपी लंबे समय से एमडी, ब्राउन शुगर, स्मैक और अफीम जैसी घातक ड्रग्स की तस्करी के काले कारोबार में सक्रिय थे। तस्करी की इसी काली कमाई का उपयोग कर उन्होंने हथुनिया गांव में करीब 50-50 लाख रुपये मूल्य के दो भव्य मकानों का निर्माण कराया और 12 लाख रुपये मूल्य की एक स्कॉर्पियो कार खरीदी। थानाधिकारी उदयवीर सिंह द्वारा इन संपत्तियों को फ्रीज करने का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सक्षम प्राधिकरण (SAFEMA/NDPS) नई दिल्ली को प्रेषित किया गया था।
भारत सरकार के सक्षम प्राधिकरण से 21 मार्च 2026 को इस प्रस्ताव पर अंतिम स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत, 23 मार्च 2026 को पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर विधिवत रूप से इन संपत्तियों को फ्रीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान संपत्तियों पर आधिकारिक नोटिस बोर्ड चस्पा कर दिए गए, जिससे अब इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित हो गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मादक पदार्थ तस्करों और उनके सहयोगियों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा अवैध रूप से अर्जित हर एक संपत्ति को जब्त कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
