प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में वन्यजीवों की आबादी क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। ताजा मामला जाजली ग्राम पंचायत के उचवानिया गांव का है, जहां मंगलवार को एक पैंथर की मौजूदगी ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। पैंथर को सबसे पहले गांव के सरपंच के मकान के ठीक समीप देखा गया, जिसके बाद गांव में चीख-पुकार और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। जैसे ही खूंखार वन्यजीव की आहट मिली, ग्रामीणों ने बिना देरी किए इसकी सूचना वन विभाग को दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई और साजो-सामान के साथ मौके के लिए रवाना हुई। पैंथर की रिहायशी इलाके में मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने इसे हाई अलर्ट पर रखा है। वन विभाग के अधिकारियों ने एहतियातन ग्रामीणों को घरों से बाहर न निकलने और विशेषकर बच्चों व मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाने वाले इस क्षेत्र में अब पैंथर के डर से लोग समूह में रहने को मजबूर हैं।

अप्रिय घटना और जनहानि को रोकने के लिए वन विभाग ने उचवानिया गांव में पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है। रेस्क्यू टीम पैंथर की लोकेशन और उसकी गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैंथर दिखने पर स्वयं उसे भगाने का प्रयास करने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें। फिलहाल, जाजली ग्राम पंचायत के उचवानिया गांव में वनकर्मी मुस्तैद हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

Pratahkal Bureau

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