प्रतापगढ़: नोगावा पंचायत में भ्रष्टाचार का 'महाजाल', सरकारी खजाने में सेंधमारी के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
प्रतापगढ़ की नोगावा पंचायत में डेढ़ साल से जारी भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा। सीसी रोड निर्माण, स्कूल फेंसिंग और श्मशान घाट की भूमि पर अवैध निर्माण जैसे गंभीर आरोपों के साथ अतिरिक्त कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। दोषियों पर एफआईआर और फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग। जानिए क्या है पूरा मामला।

प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की नोगावा पंचायत इन दिनों विकास कार्यों के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार के बड़े खेल को लेकर सुलग रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले डेढ़ साल से पंचायत की एक चुनिंदा फर्म, कुछ मेट और रसूखदार कार्मिकों ने मिलीभगत कर सरकारी योजनाओं की राशि को अपनी निजी जागीर समझकर हड़प लिया है। इस गंभीर अनियमितता के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने मोर्चा खोलते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर और अरनोद उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की हुंकार भरी है।
भ्रष्टाचार की इस कहानी की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब दिसंबर 2024 में मनरेगा योजना के तहत रतन नाई के घर से शांतिलाल आंजना के घर तक सीसी रोड निर्माण का कार्य हाथ में लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य में पसीना बहाने वाले पात्र मेट को दरकिनार कर दिया गया और कुछ रसूखदारों ने धोखाधड़ी का रास्ता अपनाते हुए अपने और अपनी पत्नियों के नाम से फर्जी तरीके से भुगतान उठा लिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की मेट आईडी को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
घोटाले का यह सिलसिला यहीं नहीं थमता। ज्ञापन में स्कूल की बाउंड्री वॉल के लिए तार फेंसिंग कार्य में भी भारी हेरफेर का जिक्र है। आरोप है कि इस कार्य के लिए सरकार द्वारा लगभग दो लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन धरातल पर मात्र खानापूर्ति कर पूरी राशि डकार ली गई। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने आगामी जल जीवन मिशन के तहत होने वाले शौचालय और मैजिक पीट निर्माण कार्यों पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों को अंदेशा है कि घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कर जनता के पैसे को लूटने की योजना बनाई जा रही है, जिसे लेकर अब ग्रामवासियों ने स्वयं कार्यों की कड़ी निगरानी करने का निर्णय लिया है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब नोगावा श्मशान घाट परिसर की निजी भूमि पर नर्सरी और पौधारोपण के नाम पर पक्का निर्माण करने की बात सामने आई। हिंदू समाज की इस निजी भूमि पर बिना अनुमति किए गए निर्माण ने गांव में सांप्रदायिक और सामाजिक रोष पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में इस निर्माण को तुरंत रोकने और पिछले अठारह महीनों में पंचायत में हुए हर छोटे-बड़े कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या दोषियों को उनके किए की सजा मिल पाएगी या भ्रष्टाचार की यह फाइलें भी धूल फांकती रह जाएंगी।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
