प्रतापगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत: 350 से अधिक लंबित मामलों का निस्तारण
प्रतापगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में दोपहर एक बजे तक 2 हजार से अधिक प्रकरणों में करीब एक करोड़ रुपए के अवार्ड पारित किए गए।

तस्वीर में प्रतापगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बैठे अधिकारी और लोग।
प्रतापगढ़ में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति और राजीनामे के जरिए 350 से अधिक न्यायालयों में लंबित मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं, दोपहर एक बजे तक 2 हजार से अधिक प्री-लिटिगेशन और राजस्व सहित विभिन्न प्रकार के प्रकरणों में करीब एक करोड़ रुपए के अवार्ड पारित किए गए। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली।
आमजन को सस्ता, शीघ्र और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतापगढ़ के तत्वावधान में किया गया।
लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुंदर लाल खारोल ने एडीआर सेंटर पर मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति स्वामी, जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष बलवंत सिंह जंजारा, जिला उद्योग अधिकारी प्रिस परमार और अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक परेश नाथ बनर्जी सहित विभिन्न बैंकों, बिजली विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों और राजस्व मामलों के निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। लोक अदालत की विभिन्न बेंचों के अध्यक्षों और सदस्यों ने पक्षकारों को आपसी सहमति से विवादों का समाधान करने के लिए प्रेरित किया। इसके तहत परिवहन, बिजली-पानी के बिलों के भुगतान सहित अन्य मामलों में समझौते करवाए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर एक बजे तक करीब 2 हजार से अधिक प्री-लिटिगेशन और राजस्व सहित विभिन्न प्रकार के प्रकरणों में लगभग एक करोड़ रुपए के अवार्ड पारित किए गए। इसके अलावा न्यायालयों में लंबित 350 से अधिक मामलों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण हुआ।
इस आयोजन में छह बेंचों के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। आपसी समझाइश और मध्यस्थता के जरिए विवादों का त्वरित समाधान करना लोक अदालत का प्रमुख उद्देश्य रहा। इस प्रक्रिया से संबंधित पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली और विभिन्न मामलों का निस्तारण आपसी सहमति के आधार पर किया गया।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
