धमोत्तर (प्रतापगढ़)। मृत्यु एक शाश्वत सत्य है, लेकिन कुछ लोग संसार से विदा होकर भी दूसरों की आंखों के जरिए दुनिया देखते रहते हैं। प्रतापगढ़ जिले के ग्राम धमोत्तर निवासी स्व. नंदलाल जैन (मोदी) ने नेत्रदान के माध्यम से न केवल खुद को अमर कर लिया, बल्कि समाज के सामने संवेदना और साहस की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। 26 जनवरी 2026 की उस गमगीन रात जब पूरा परिवार शोक में डूबा था, तब परिजनों ने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने दो नेत्रहीन व्यक्तियों के अंधकारमय जीवन में उजाले की नई किरण जगा दी है।

जानकारी के अनुसार, स्व. नंदलाल जैन (मोदी) का निधन सोमवार रात्रि 12:25 बजे हुआ। परिजनों के लिए यह क्षण गहरा आघात लेकर आया था, किंतु दुःख की इस घड़ी में भी परिवार ने मानव सेवा के संकल्प को डिगने नहीं दिया। इस पुनीत कार्य की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि परिवार के सभी 67 सदस्यों ने एकजुट होकर नेत्रदान पर अपनी सहमति दी। इस सामूहिक निर्णय में स्व. जैन के पुत्र, पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रियां और अन्य करीबी रिश्तेदारों सहित उनके जमाई रितेश जैन ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए मानवता के इस महायज्ञ में अपनी आहुति दी।

नेत्रदान की इस पूरी प्रक्रिया को लायंस क्लब नीमच सेंट्रल के तकनीकी सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। सूचना मिलते ही क्लब की टीम तत्काल धमोत्तर पहुंची और पूरी संवेदनशीलता के साथ विधिवत प्रक्रिया पूर्ण की। इसके पश्चात सुरक्षित रूप से नेत्रों को गोमाबाई नेत्रालय, नीमच भेजा गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इन नेत्रों का प्रत्यारोपण उन जरूरतमंदों में किया जाएगा जो वर्षों से दृष्टिहीनता का दंश झेल रहे हैं। लायंस क्लब के पदाधिकारियों ने परिजनों के इस सामूहिक साहस की सराहना करते हुए कहा कि जब एक पूरा परिवार इस तरह आगे आता है, तो समाज में अंगदान और नेत्रदान के प्रति वर्षों पुरानी भ्रांतियां टूटती हैं।

स्व. नंदलाल जैन के परिजनों ने इस मौके पर आमजन से भावुक अपील करते हुए कहा कि जीवन के बाद भी किसी के जीवन का उजाला बनना सबसे बड़ा पुण्य है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से मृत्यु उपरांत नेत्रदान का संकल्प लेने का आह्वान किया ताकि नेत्रहीनता मुक्त समाज का सपना साकार हो सके। शोक की लहर के बीच धमोत्तर से उठी यह प्रेरणादायक गूंज अब जिले भर में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो यह संदेश देती है कि इंसान अपने कर्मों और दान से मृत्यु के बाद भी जीवित रह सकता है।

Dilip Sen, Pratapgarh

Dilip Sen, Pratapgarh

नाम: दिलीप सेन

वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म

परिचय 

दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक भास्कर
  • सीधा सवाल
  • सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
  • प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।

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