प्रतापगढ़ जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या के चर्चित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी कुलदीप पिता कन्हैयालाल मीणा, उम्र 30 वर्ष, निवासी लाम्बाडाबरा, थाना पीपलखूंट को आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। वहीं सहयोगी आरोपी अनिल पिता रमेश मीणा, उम्र 30 वर्ष, निवासी लाम्बाडाबरा, थाना पीपलखूंट को 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।

लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी ने बताया कि प्रकरण के अनुसार 22 फरवरी 2024 की सुबह पुलिस थाना प्रतापगढ़ को सूचना मिली थी कि बांसवाड़ा रोड बाईपास के पास एक महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना अधिकारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। प्रताप कॉलोनी स्थित एक प्लॉट में महिला का शव पड़ा मिला। घटनास्थल से महिला का बैग, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चप्पल सहित अन्य सामान भी बरामद किया गया।

बैग में मिले मोबाइल के आधार पर मृतका की पहचान बंजारी निवासी कन्हैयालाल की पुत्री के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान 24 फरवरी 2024 को आरोपी कुलदीप को डिटेन कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि मृतका उसकी गर्लफ्रेंड थी और वह उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी बात से नाराज होकर उसने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने अपने दोस्त अनिल की मदद से शव को मोटरसाइकिल पर ले जाकर सुनसान स्थान पर डाल दिया।

जांच में सामने आया कि मृतका द्वारा लगातार शादी का दबाव बनाए जाने के कारण आरोपी ने उसकी हत्या की थी। इस आधार पर पुलिस थाना प्रतापगढ़ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 एवं 120बी के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान पूरा किया और न्यायालय में चालान पेश किया।

अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी ने मामले को प्रमाणित करने के लिए न्यायालय में 16 गवाहों के बयान करवाए। इसके साथ ही 49 दस्तावेज और 7 आर्टिकल भी प्रदर्शित किए गए। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने मामले को प्रमाणित मानते हुए मुख्य आरोपी कुलदीप को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये के अर्थदण्ड तथा धारा 201 सहपठित धारा 120बी के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया। वहीं सहयोगी आरोपी अनिल को धारा 201 सहपठित धारा 120बी के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी ने बताया कि यह हत्या प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला था, जिसमें आरोपी ने शादी के लिए दबाव बनाए जाने से नाराज होकर युवती की हत्या कर दी थी और शव को अपने सहयोगी के साथ मिलकर प्रताप कॉलोनी क्षेत्र में लाकर फेंक दिया था। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत 16 गवाहों, 49 दस्तावेजों और 7 आर्टिकल के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया।

बताया गया कि मृतका के पिता ने अपनी बेटी की स्मृति में अपने खेत पर उसकी प्रतिमा (स्टैच्यू) भी स्थापित करवाई है। यह निर्णय प्रेम प्रसंग में हुई हत्या के मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय द्वारा सुनाया गया महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

Dilip Sen, Pratapgarh

Dilip Sen, Pratapgarh

नाम: दिलीप सेन

वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म

परिचय 

दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक भास्कर
  • सीधा सवाल
  • सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
  • प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।

Next Story