प्रतापगढ़: मोहर्रम को शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के बीच हुई अहम बैठक
प्रतापगढ़ में मोहर्रम पर्व को शांति और सौहार्द के साथ मनाने के लिए प्रशासन ने कसी कमर। पुलिस और विभिन्न विभागों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर लिए गए कड़े निर्णय। क्या प्रशासन की यह तैयारी शहर में शांति सुनिश्चित कर पाएगी?

प्रतापगढ़ थाना परिसर में आयोजित बैठक में पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र सिंह राव और शहर कोतवाल शंभूसिंह झाला ने विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ मोहर्रम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
आगामी मोहर्रम पर्व को शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रतापगढ़ थाना परिसर में शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र सिंह राव और शहर कोतवाल शंभूसिंह झाला की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों और नगर के प्रमुख विभागीय अधिकारियों ने भागीदारी सुनिश्चित की। बैठक का मुख्य केंद्र मोहर्रम के दौरान निकलने वाले जुलूस की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करना और संभावित चुनौतियों का पूर्व में ही समाधान खोजना था।
बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक नागरिक सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। चर्चा के दौरान जुलूस के प्रस्तावित मार्ग में आने वाली बाधाओं, विशेषकर लटकते बिजली के तारों, केबल लाइनों, पेयजल व्यवस्था और सीवरेज से जुड़ी समस्याओं पर गहन मंथन हुआ। विद्युत विभाग, जलदाय विभाग, सीवरेज विभाग, नगर परिषद और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समय रहते सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें, ताकि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।
इसके अतिरिक्त, टीवी एवं नेट केबल ऑपरेटरों को भी तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया गया। पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र सिंह राव और शहर कोतवाल शंभूसिंह झाला ने बैठक में उपस्थित सभी हिंदू और मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि पर्वों का असली सार आपसी भाईचारा और सौहार्द में निहित है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और मोहर्रम के दौरान शांति बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में लिए गए निर्णयों और विभागीय समन्वय से यह स्पष्ट है कि प्रतापगढ़ प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और पर्व को गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पूर्णतः संकल्पित है। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक तैयारी का प्रतीक है, बल्कि नगर की सामाजिक एकजुटता को भी प्रदर्शित करता है।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
