प्रतापगढ़: मनरेगा के अस्तित्व पर संकट, केंद्र की नीतियों के खिलाफ गांधी चौराहे पर कांग्रेस का 'हुंकार उपवास'
प्रतापगढ़ में मनरेगा बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत गांधी चौराहे पर सामूहिक उपवास रखा। जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत के नेतृत्व में कांग्रेस ने बजट कटौती और ऑनलाइन हाजिरी जैसी नीतियों को गरीब विरोधी बताते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

प्रतापगढ़। ग्रामीण भारत की आर्थिक संबल और करोड़ों हाथों को काम देने वाली 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना' (मनरेगा) के भविष्य पर मंडराते खतरों के बीच, प्रतापगढ़ में सियासी पारा चढ़ गया है। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा के बजट में की जा रही कथित कटौती और नीतिगत बदलावों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने एक बड़े आंदोलन का बिगुल फूंका है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 'मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान' के तहत प्रतापगढ़ के ऐतिहासिक महात्मा गांधी चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय सामूहिक उपवास और शांतिपूर्ण धरना देकर केंद्र सरकार की 'जनविरोधी' नीतियों के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया।
नगर परिषद के समीप आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत ने किया। कार्यक्रम का दृश्य उस समय बेहद गंभीर और संकल्पबद्ध नजर आया जब भारी संख्या में जुटे कांग्रेस पदाधिकारियों ने गांधी प्रतिमा के समक्ष बैठकर मौन और उपवास के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन का समापन राष्ट्रगान की गूंज और राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ, जहां सभी उपस्थित नेताओं ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए गरीबों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार एक सोची-समझी साजिश के तहत मनरेगा के मूल स्वरूप को नष्ट करने का प्रयास कर रही है। राणावत ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान शुरू की गई यह ऐतिहासिक योजना ग्रामीणों के लिए 'काम के अधिकार' की सुरक्षा कवच है, लेकिन वर्तमान सरकार कॉरपोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए गरीबों के पेट पर लात मार रही है। वक्ताओं ने तकनीकी जटिलताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन हाजिरी (NMMS) और आधार आधारित भुगतान प्रणाली (ABPS) जैसी व्यवस्थाएं अनपढ़ और गरीब मजदूरों के लिए रोजगार की राह में रोड़ा बन गई हैं।
प्रदर्शन के दौरान इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की गई कि सामग्री मद का भुगतान समय पर नहीं होने से विकास कार्य ठप पड़े हैं और बजट में निरंतर हो रही कटौती इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की मंशा को दर्शाती है। जिला कांग्रेस कमेटी ने दोटूक चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के नाम, स्वरूप या बजट के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बंद नहीं हुई, तो यह आंदोलन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर भाजपा के इस 'गांधी विरोधी' और 'गरीब विरोधी' चेहरे को बेनकाब करेंगे। इस महत्वपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधि और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में मनरेगा को बचाने की इस लड़ाई में अपनी आहुति देने की बात कही।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
