प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले से न्याय की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश दिया है। यहाँ की विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) अदालत ने एक नाबालिग मासूम का अपहरण कर उसकी अस्मत से खिलवाड़ करने वाले दरिंदे को उसके किए की ऐसी सजा सुनाई कि वह अब अपनी जवानी के अगले दो दशक जेल की कालकोठरी में काटेगा। न्यायाधीश डॉ. प्रभात अग्रवाल ने आरोपी को न केवल 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई, बल्कि उस पर भारी अर्थदण्ड भी लगाया है।

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की शुरुआत 6 जुलाई 2024 की काली रात को हुई थी। पीड़ित परिवार अपनी दुनिया में मगन था और उनकी नाबालिग पुत्री घर के बाहर बने परसाल में सो रही थी। सुबह जब उजाला हुआ तो पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उनकी बेटी वहां मौजूद नहीं थी। बदहवास परिजन उसे हर जगह तलाश रहे थे, तभी परिवादी के छोटे पुत्र के मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाला कोई और नहीं, बल्कि आरोपी पिंकु उर्फ पिकेंश पिता लक्ष्मण मीणा था। रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र के लक्ष्मणगढ़ का रहने वाला 23 वर्षीय यह युवक फोन पर बेशर्मी से अपनी करतूत कुबूल कर रहा था। उसने साफ लफ्जों में कहा कि वह नाबालिग को उठाकर ले आया है और अब उसे अपनी पत्नी बनाकर रखे हुए है।

पुलिस ने इस संगीन मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की और अनुसंधान पूर्ण कर चार्जशीट अदालत में पेश की। अदालत के भीतर न्याय की यह लड़ाई विशेष लोक अभियोजक किशन लाल कुमावत ने लड़ी। उन्होंने अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूती के साथ 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 37 महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य पेश कर आरोपी के गुनाहों की कड़ियां जोड़ीं। साक्ष्यों और गवाहों की गूंज के बीच आरोपी पिंकु उर्फ पिकेंश का अपराध पूरी तरह सिद्ध हो गया।

माननीय न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी सजा सुनाई। न्यायाधीश डॉ. प्रभात अग्रवाल ने धारा 137(2) BNS में 3 वर्ष, धारा 87 BNS में 7 वर्ष, और धारा 127(4) BNS में 2 वर्ष के कारावास के साथ-साथ धारा 65(1) BNS सहपठित धारा 3/4(2) पोक्सो एक्ट और धारा 64(2)(उ) BNS सहपठित धारा 5(स)/6 पोक्सो एक्ट के तहत 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोषी पर कुल 50 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। यह फैसला उन तमाम अपराधियों के लिए एक चेतावनी है जो कानून और मासूमियत को कुचलने का दुस्साहस करते हैं। राज्य पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी ने अंततः एक पीड़ित परिवार को वह न्याय दिलाया जिसका वे महीनों से इंतजार कर रहे थे।

Dilip Sen, Pratapgarh

Dilip Sen, Pratapgarh

नाम: दिलीप सेन

वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म

परिचय 

दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक भास्कर
  • सीधा सवाल
  • सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
  • प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।

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