जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनकल्याणकारी बनाने के उद्देश्य से आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंड्या ने चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की उन योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी, जिनका सीधा लाभ आमजन को मिलता है। उन्होंने जननी शिशु सुरक्षा योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना तथा टीबी रोगियों के लिए संचालित प्रोत्साहन योजनाओं की राशि समय पर शत-प्रतिशत लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित करने पर विशेष बल दिया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम पंड्या ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं फीडबैक प्रदेश स्तर पर लिया जाता है। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें, ताकि पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंच सके।

बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने विभाग की मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आयुष्मान आरोग्य योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, संचारी एवं गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, मां वाउचर योजना, जननी एक्सप्रेस सेवा तथा 104 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि गत बैठक में जिला कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और स्वास्थ्य संकेतकों में प्रगति लाने के लिए दिए गए निर्देशों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

डॉ. मीणा ने कहा कि बैठकों का उद्देश्य केवल आंकड़ों की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि स्वास्थ्य सेवाओं का शत-प्रतिशत लाभ आमजन तक पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य भवनों, लंबित भूमि पट्टों और निर्माणाधीन कार्यों की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में अस्पतालों में साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुरूप उपचार व्यवस्था तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। एडीएम ने स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ई-केवाईसी, एनसीडी स्क्रीनिंग और टीकाकरण जैसी आवश्यक सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला चिकित्सालय के डॉ. धीरज सेन, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. विनोद खांट, डीटीओ डॉ. नरेंद्र बर्मा, डीपीसी डॉ. अंकित अग्रवाल, बीसीएमओ डॉ. विजय गर्ग, डॉ. राजेश बिजारणिया, डॉ. जितेंद्र बगड़िया सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

मानसून की सक्रियता को देखते हुए बैठक में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा ने अधिकारियों को आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, संदिग्ध रोगियों की समय पर जांच एवं उपचार करने तथा क्षेत्र में एंटी-लार्वल गतिविधियों और फॉगिंग अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान स्टॉप डायरिया कैंपेन का जिला स्तरीय शुभारंभ अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंड्या द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. मीणा ने बताया कि यह अभियान 16 जून से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में डायरिया के कारण होने वाली मृत्यु को रोकना और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। इस संबंध में सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री का विमोचन भी किया गया।

सीएमएचओ ने बताया कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में ओआरएस एवं जिंक कॉर्नर स्थापित किए जा चुके हैं तथा व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने सभी बीसीएमओ को अभियान की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध फीडबैक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला स्वास्थ्य समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मानसून के दौरान संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर विशेष फोकस रहा। अधिकारियों को दिए गए निर्देश आगामी दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ तथा जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

Pratahkal Bureau

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