प्रतापगढ़: भारतीय किसान संघ ने उठाई माही डैम का पानी पहुंचाने की मांग
असावता में हुई बैठक में भारतीय किसान संघ ने माही डैम के पानी को अंतिम छोर तक पहुंचाने, गेहूं खरीद 30 जून तक बढ़ाने और लंबित फसल बीमा भुगतान की मांग की।

प्रतापगढ़ के ग्राम असावता में आयोजित भारतीय किसान संघ की जिला बैठक में उपस्थित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, जहां सिंचाई संकट के समाधान के लिए माही डैम के पानी को अंतिम छोर तक पहुंचाने और गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने पर चर्चा की गई।
किसानों के हकों और सिंचाई-पेयजल संकट के स्थाई समाधान को लेकर भारतीय किसान संघ ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। जिला अंतर्गत ग्राम असावता में आयोजित संघ की अत्यंत महत्वपूर्ण जिला बैठक में जिले के किसानों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर गहन मंथन करते हुए आगामी धारदार कार्ययोजना तय की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में माही डैम के पानी को लिफ्ट कैनाल के माध्यम से प्रतापगढ़ जिले के अंतिम छोर तक पहुंचाने तथा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की समय सीमा को आगामी 30 जून तक बढ़ाने की मांग को बेहद प्रमुखता से उठाया गया, जिसने आगामी दिनों में एक बड़े किसान आंदोलन की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है।
बैठक के मुख्य बिंदुओं की जानकारी देते हुए जिला सह प्रचार-प्रसार प्रमुख सागर प्रजापत ने बताया कि वर्तमान में गहराते पेयजल एवं सिंचाई संकट के मुकम्मल समाधान के लिए माही डैम के पानी को जिले के अधिकाधिक क्षेत्रों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अन्नदाताओं को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष गिरजाशंकर पंचाल ने कड़े तेवर अपनाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय किसान संघ अब ग्राम पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों से पानी की इस गंभीर समस्या के समाधान को लेकर उनके द्वारा किए गए प्रयासों की बिंदुवार जानकारी मांगेगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यदि किसानों के हितों की इसी तरह अनदेखी होती रही, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा और उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा।
इसी कड़ी में बैठक के दौरान संभाग संरक्षक कर्नल जयराज सिंह ने किसानों की फसल बीमा राशि के लंबित भुगतान का एक बड़ा और गंभीर मुद्दा पटल पर रखा। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए सनसनीखेज खुलासा किया कि जिले के पीड़ित किसानों को मिलने वाली कुल लगभग 59 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बीमा राशि में से अब तक केवल दो चरणों में मात्र 8.78 करोड़ रुपये का ही आंशिक भुगतान किया गया है। उन्होंने शेष बची हुई विशाल राशि का शीघ्र और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। वहीं, संभाग कार्यवाहक अध्यक्ष सीताराम डांगी ने संगठन के धरातलीय विस्तार, नई ग्राम समितियों के गठन तथा माही डैम के पानी को लेकर चलाए जाने वाले व्यापक जनजागरण अभियान की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि संगठन इस मांग को लेकर गांव-गांव जाकर एक विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाएगा और इसके माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर व्यापक जनसमर्थन जुटाएगा।
दूसरी ओर, कृषि के पारंपरिक और सुरक्षित तरीकों पर बल देते हुए प्रांत जैविक प्रमुख गोपाल खटवड़ ने उपस्थित किसानों से तत्काल जैविक खेती अपनाने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह कम करने की बात कहते हुए समझाया कि भूमि की मिट्टी की उर्वरता और स्वयं किसानों तथा समाज के स्वास्थ्य की दृष्टि से अब जैविक खेती समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। बैठक के अंतिम चरण में उपस्थित समस्त पदाधिकारियों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की अंतिम तिथि को 30 जून तक बढ़ाने की मांग पर मुहर लगाई और इस संबंध में तत्काल संबंधित विभागीय अधिकारियों से वार्ता करने तथा किसानों के हित में हर संभव आवश्यक प्रयास करने का सामूहिक निर्णय लिया। इस महत्वपूर्ण जिला बैठक में गोपाल खटवड़, कर्नल जयराज सिंह, सीताराम डांगी, पन्नालाल डांगी, बादल बरौलिया, गिरजाशंकर पंचाल, पिंकी देवी, दिलखुश पाटीदार, मुकेश प्रजापत, कृष्णा बरोलिया, झमकलाल डांगी सहित जिले के विभिन्न प्रमुख पदाधिकारी एवं समर्पित कार्यकर्ता अग्रिम पंक्ति में उपस्थित रहे।

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