प्रतापगढ़: कुएं से मिला डॉक्टर मोहित मछार का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
पीपलमखूंट में शादी समारोह से लापता डॉक्टर का शव संदिग्ध अवस्था में मिला, कुआं खाली करने पर पुलिस को मोबाइल और पर्स बरामद हुए।

पीपलखूंट के बोरी पी गांव में डॉक्टर मोहित मछार की मौत के बाद 20 अप्रैल को कुएं से बरामद किए गए उनके व्यक्तिगत सामान और पहचान पत्र।
प्रतापगढ़। पीपलखूंट थाना क्षेत्र के बोरी पी गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आए बांसवाड़ा के युवा डॉक्टर मोहित मछार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अर्धनग्न अवस्था में कुएं से शव मिलने और बाद में पुलिस द्वारा कुएं को खाली करवाने पर बरामद हुए सामान ने इस पूरे घटनाक्रम को गहरा दिया है, जिसके चलते परिजनों ने अब सीधे तौर पर हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
घटनाक्रम के अनुसार, बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ निवासी डॉक्टर मोहित मछार 14 अप्रैल की शाम को अपनी बड़ी बहन के पास बड़ोदिया आए थे। मृतक के अंकल कलसिंह मछार ने बताया कि 15 अप्रैल की सुबह मोहित बांसवाड़ा में अपने साथी डॉक्टरों से मिलने गए थे और वहां से सीधे पीपलखूंट के बोरी पी गांव में एक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित होने पहुंचे। इसी दौरान परिजनों का उनसे संपर्क टूट गया और वे लापता हो गए। इस बीच शादी स्थल से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक कुएं में अज्ञात शव होने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को बाहर निकलवाया, जिसकी शिनाख्त डॉक्टर मोहित मछार के रूप में हुई। शव की अर्धनग्न स्थिति ने प्रथम दृष्टया ही मामले को संदिग्ध बना दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 20 अप्रैल को थाना अधिकारी छबीलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस जाब्ते और परिजनों की उपस्थिति में संबंधित कुएं का पानी खाली करवाया गया। सघन तलाशी के दौरान कुएं की तलहटी से मृतक का मोबाइल, पर्स, पजामा और अंत:वस्त्र सहित अन्य व्यक्तिगत सामान बरामद हुए। पुलिस द्वारा जब्त किए गए पर्स से मृतक का आई-कार्ड, दो एटीएम कार्ड और कुछ दवाइयां भी मिली हैं। इन साक्ष्यों की बरामदगी के बाद परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने शादी में मोहित के साथ मौजूद रहे कुछ साथी डॉक्टरों पर भी संदेह जाहिर किया है और पुलिस प्रशासन से इस दिशा में गहनता से तफ्तीश करने की मांग की है।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस गुत्थी को सुलझाने के लिए हर संभावित कोण से जांच कर रहा है। थाना अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से संकलित किए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस अभी हत्या, आत्महत्या और दुर्घटना—तीनों ही बिंदुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और चर्चा का माहौल व्याप्त है और सभी को अब पुलिसिया जांच और सच्चाई के सामने आने का इंतजार है।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
