प्रतापगढ़: लालगढ़ में जर्जर आंगनबाड़ी भवनों से नौनिहालों का भविष्य संकट में, नए निर्माण के लिए कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रतापगढ़ के लालगढ़ में जर्जर आंगनबाड़ी भवनों के कारण बच्चों और महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें। प्रशासक उदय लाल मीणा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मोटा कुआं, खेड़ा लालगढ़ और गौतमेश्वर में नए भवनों के निर्माण की मांग की है, ताकि पोषण और शिक्षा सेवाएं सुचारु हो सकें।

प्रतापगढ़। अरनोद पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लालगढ़ में सरकारी तंत्र की अनदेखी बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। क्षेत्र के तीन प्रमुख आंगनबाड़ी केंद्रों की इमारतें इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि वहां बैठना किसी बड़े खतरे को दावत देने जैसा है। इन खंडहर हो चुके भवनों ने न केवल मासूम बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है, बल्कि पोषण और प्राथमिक शिक्षा के पहिए को भी थाम दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब स्थानीय प्रशासन ने सीधे जिला स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है।
ग्राम पंचायत लालगढ़ के प्रशासक उदय लाल मीणा ने इस विकट समस्या को लेकर जिला कलेक्टर, प्रतापगढ़ को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में लालगढ़ क्षेत्र के मोटा कुआं, खेड़ा लालगढ़ और गौतमेश्वर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति का विस्तार से उल्लेख किया गया है। वर्तमान में इन केंद्रों के भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और अनुपयोगी हो चुके हैं, जिसके कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मजबूरन इनका संचालन सामुदायिक भवनों में करना पड़ रहा है। यह वैकल्पिक व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, जिससे केंद्र पर आने वाले छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासक उदय लाल मीणा ने प्रशासन को अवगत कराया कि सुरक्षित भवनों के अभाव में सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं की कमी ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और शिक्षा के स्तर को प्रभावित कर रही है। ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की गई है कि इन तीनों स्थानों पर यथाशीघ्र नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए।
यह मामला केवल जर्जर दीवारों का नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के विश्वास और सुरक्षा का है जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद में इन केंद्रों पर भेजते हैं। अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि सुरक्षित और स्थायी भवनों का निर्माण कर बच्चों और महिलाओं को सुचारु रूप से पोषण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
