प्रतापगढ़ जिले के धरियावद थाना क्षेत्र के बहुचर्चित देवीलाल हत्याकांड में जिला सेशन न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया। लोक अभियोजक तरुण दास वैरागी ने बताया की सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने हत्या के इस मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और बहस को सुनने के बाद इस बहुचर्चित हत्या प्रकरण में आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय सुनाया।

घटनाक्रम और रिपोर्ट दर्ज होने की प्रक्रिया

लोक अभियोजक वैरागी ने बताया की 5 अक्टूबर 2022 को प्रार्थी खात्या पिता भेरिया मीणा उम्र 45 वर्ष निवासी भमात फला मानागांव, थाना धरियावद जिला प्रतापगढ़ ने डरागांव घटनास्थल पर रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया कि 4 अक्टूबर 2022 को शाम करीब 4 बजे उसका पुत्र देवीलाल मीणा अपनी मां वेलकी और छोटे भाई उदयलाल को आमलवा भैरू बावजी छोड़ने के लिए उसकी मोटरसाइकिल लेकर गया था, जबकि वह घर पर अकेला था। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे गौतम पिता भेरिया मीणा निवासी मानागांव भमात फला ने सूचना दी कि देवीलाल का शव डरागांव कानिया घाटी के पास सड़क किनारे पड़ा है। इस पर प्रार्थी मौके पर पहुंचा और परिवारजनों को सूचना दी। प्रार्थी के भाई बाबरिया पिता भेरिया मीणा ने बताया कि रात करीब 7:30 बजे देवीलाल मोटरसाइकिल लेकर अकेला मानागांव की तरफ गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और संदेह का आधार

तथ्य जुटाने पर संतोष पिता गौतमलाल और प्रभुलाल पिता बाबरिया ने बताया कि शाम करीब 8:15 बजे देवीलाल एक अज्ञात लड़की को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सरपंच लालूराम के घर के पास से सुकली नदी की ओर जा रहा था। लालूराम पिता केशिया मीणा ने बताया कि वह, मनीष पिता हामला मीणा और देवीलाल सुकली नदी पर हाथ-मुंह धोने गए थे, जहां रात करीब 8:30 बजे देवीलाल एक युवती को मोटरसाइकिल पर लेकर आया। 2-3 मिनट रुकने के बाद वे सभी गांव लौट आए। रात्रि करीब 11 बजे सरपंच के घर के पास सभी लोग मौजूद थे, तभी देवीलाल को उसी युवती को लेकर मानागांव बस स्टैंड की ओर जाते देखा गया। इसके बाद प्रार्थी को संदेह हुआ कि युवती के परिवारजनों ने देवीलाल की हत्या कर शव को डरागांव रोड पर फेंक दिया।

पुलिस अनुसंधान और महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलन

रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। अनुसंधान के दौरान मृतक का पंचायतनामा तैयार कर पत्रावली में शामिल किया गया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर रिपोर्ट शामिल की गई तथा शव परिजनों को सौंपा गया। घटनास्थल का निरीक्षण कर खून से सनी मिट्टी और डामर के नमूने लिए गए। घटनास्थल पर पड़ा सागवान का टुकड़ा जब्त किया गया। मृतक की मोटरसाइकिल, शर्ट और पर्स भी जब्त कर पत्रावली में शामिल किए गए। प्रार्थी खात्या सहित गवाहो के बयान दर्ज किए गए। उक्त युवती और शांतीलाल के बयान धारा 164 सीआरपीसी के तहत भी दर्ज किए गए।

आरोपियों की गिरफ्तारी और अपराध का कबूलनामा

गहन अनुसंधान के बाद अज्ञात आरोपियों की तलाश करते हुए पुलिस ने दिनेश पिता वैसाराम मीणा निवासी सेमला छोटी भांडला और दीपक पिता भैरूलाल मीणा निवासी लोहार फला मानागांव को उदयपुर से डिटेन कर पूछताछ की। दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से देवीलाल की हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस टीम ने अन्य आरोपियों पंकज पिता भेरूलाल मीणा निवासी मानागांव, सुरेश उर्फ हुरिलाल उर्फ हुरिया पिता लाला मीणा निवासी मानागांव, अशोक पिता शंकरलाल मीणा निवासी मानागांव तथा विधि से संघर्षरत बालक पप्पु उर्फ पपीया पिता तेजीया मीणा निवासी भांडला और मानाराम उर्फ मानुराम पिता हामला मीणा निवासी भमात फला मानागांव को अलग-अलग स्थानों से डिटेन कर गिरफ्तार किया।

वैज्ञानिक साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया

अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना स्थल की तस्दीक करवाई गई तथा घटना में प्रयुक्त लट्ठ और मृतक का मोबाइल जब्त किया गया। एफएसएल रिपोर्ट, मालखाना नकल और वाहक कांस्टेबल की आमद-रवानगी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। अनुसंधान में दिनेश और दीपक के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाया गया। वहीं पंकज, अशोक, सुरेश उर्फ हुरिया के खिलाफ धारा 302/34 भादस एवं 83(2) जेजे एक्ट के तहत अपराध प्रमाणित हुआ। विधि से संघर्षरत बालक पप्पु उर्फ पपीया और मानाराम उर्फ मानुराम के खिलाफ भी धारा 302/34 भादस के तहत अपराध प्रमाणित पाया गया। अनुसंधान के दौरान उक्त युवती के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर उसका नाम धारा 120बी भादस से हटा दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाह और 43 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।

Dilip Sen, Pratapgarh

Dilip Sen, Pratapgarh

नाम: दिलीप सेन

वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म

परिचय 

दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक भास्कर
  • सीधा सवाल
  • सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
  • प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।

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