प्रतापगढ़: भीषण गर्मी से पूर्व जिला कलेक्टर ने जांची जलापूर्ति व्यवस्था
जिला कलेक्टर शुभम चौधरी ने पीएचईडी अधिकारियों को 30 अप्रैल तक समर कॉन्टिंजेंसी योजना के कार्य पूर्ण करने और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर शुभम चौधरी (बाएं से दूसरी) पीएचईडी अधिकारियों के साथ फील्ड में जलापूर्ति परियोजनाओं और पाइपलाइन बिछाने के कार्यों का निरीक्षण करते हुए।
प्रतापगढ़। भीषण गर्मी की आहट के साथ ही प्रतापगढ़ जिले में आमजन को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। पेयजल संकट की चुनौतियों से निपटने और मौजूदा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर शुभम चौधरी एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्वत सिंह चुंडावत ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविकता जांची। इस दौरान प्रशासनिक अमले ने जल परियोजनाओं की बारीकियों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध सुधार और त्वरित कार्य संपादन के कड़े निर्देश जारी किए।
जिला कलेक्टर शुभम चौधरी ने शनिवार को विशेष रूप से फील्ड में उतरकर पीएचईडी अधिकारियों की उपस्थिति में समर कॉन्टिंजेंसी योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुके तीन गांवों की जलापूर्ति व्यवस्था की गहन समीक्षा की और टांडा क्षेत्र में स्थापित उस फिल्टर प्लांट का भी जायजा लिया, जो वर्तमान में करीब 30 गांवों की प्यास बुझाने का मुख्य स्रोत बना हुआ है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अमृत योजना के तहत प्रतापगढ़ शहर में नवनिर्मित टंकियों और बिछाई गई पाइपलाइनों की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया। कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में निर्देशित किया कि समर कॉन्टिंजेंसी के समस्त कार्य आगामी 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि पेयजल से जुड़ी किसी भी शिकायत का समाधान त्वरित गति से होना चाहिए और कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, जिला परिषद सीईओ पर्वत सिंह चुंडावत ने पंचायत समिति अरनोद की ग्राम पंचायत बेड़मा, नागदेड़ा, कोटड़ी, चुपना, देवल्दी फण्टा और अरनोद का दौरा कर ग्रामीण जल तंत्र की नब्ज टटोली। उन्होंने हैंडपंपों, पाइपलाइनों और पारंपरिक जल स्रोतों की क्रियाशीलता का निरीक्षण किया। सीईओ ने जानकारी दी कि 18 और 19 अप्रैल को संपूर्ण राज्य में विशेष सत्यापन एवं मरम्मत अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर चालू और खराब जल स्रोत की जांच की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान किए गए कार्यों के फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से लिए जाएं और जहां भी तकनीकी खराबी या मरम्मत की आवश्यकता हो, उसे उसी दिन दुरुस्त किया जाए। प्रशासन की इस सक्रियता का मुख्य उद्देश्य आगामी ग्रीष्म लहर के दौरान ग्रामीणों को पानी के लिए भटकने से बचाना और जल प्रबंधन को पूरी तरह दुरुस्त रखना है।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
