निशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार के साथ संपन्न हुआ ब्रह्मज्योति वैदिक गुरुकुल का 14वाँ वार्षिकोत्सव, 14 बटुकों ने धारण किया यज्ञोपवीत
प्रतापगढ़ में श्री ब्रह्मज्योति वैदिक गुरुकुल का 14वाँ वार्षिकोत्सव श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के बीच संपन्न हुआ। निशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार में 14 बटुकों ने द्विजत्व संस्कार प्राप्त कर सनातन परंपरा से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर पाया।

प्रतापगढ़ के दीपेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्री ब्रह्मज्योति वैदिक गुरुकुल के 14वें वार्षिकोत्सव पर सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार के बाद बटुकों के साथ उपस्थित संस्थान के पदाधिकारी और अतिथि।
वैदिक परंपराओं, संस्कारों और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का प्रेरणादायी दृश्य बुधवार को प्रतापगढ़ में देखने को मिला, जहां श्री ब्रह्मज्योति संस्थान के तत्वावधान में संचालित श्री ब्रह्मज्योति वैदिक गुरुकुल का 14वाँ वार्षिकोत्सव एवं निशुल्क सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार समारोह श्रद्धा, आस्था और वैदिक विधानों के साथ संपन्न हुआ। श्री दीपेश्वर महादेव मंदिर परिसर स्थित गुरुकुल में आयोजित इस समारोह में वैदिक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत गणपति पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात ग्रहशांति पूजन एवं विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के मध्य आयोजित सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार समारोह में गुरुकुल के विद्यार्थियों सहित कुल 14 बटुकों ने यज्ञोपवीत धारण कर द्विजत्व संस्कार प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान आध्यात्मिक वातावरण और वैदिक परंपराओं की गरिमा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
संस्थान के प्रवक्ता दीपेश आमेटा ने बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है और इसका उद्देश्य भारतीय वैदिक परंपराओं तथा संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके संरक्षण को बढ़ावा देना है। गुरुकुल के आचार्य पंडित दिनेश द्विवेदी ने कहा कि इस वर्ष भी 14 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार पूर्ण वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया गया, जिससे उन्हें सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण संस्कार से जोड़ा गया।
समारोह के दौरान हवन एवं पूजन की समस्त धार्मिक प्रक्रियाएं वेदाचार्य पंडित शुभम शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुईं। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों तथा समाजबंधुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में सहभागिता निभाई।
समारोह के समापन अवसर पर संस्थान पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भारतीय संस्कृति, वैदिक शिक्षा और सनातन संस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया। यह आयोजन न केवल वैदिक परंपराओं के प्रति समाज की आस्था को सुदृढ़ करने वाला रहा, बल्कि नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
