प्रतापगढ़: बड़ोदिया गांव के कुएं में मिला लापता किशोरी का शव, तीन दिन बाद मची सनसनी, जांच में जुटी FSL टीम
प्रतापगढ़ के हथुनिया थाना क्षेत्र के बड़ोदिया गांव में 3 दिन से लापता 17 वर्षीय किशोरी अंजू का शव कुएं में मिलने से सनसनी फैल गई। सुरेश भील मीणा की पुत्री 21 जनवरी से लापता थी। पुलिस, MOB और FSL टीमों ने साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है। मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम के बाद पुलिस मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुटी है। पढ़ें पूरी खबर।

प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के हथुनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़ोदिया में पिछले तीन दिनों से छाया सन्नाटा शनिवार की सुबह एक हृदयविदारक चीख में बदल गया। बीते 21 जनवरी की सर्द रात से रहस्यमयी ढंग से लापता हुई 17 वर्षीय किशोरी अंजू का शव गांव के बाहर एक गहरे कुएं में तैरता हुआ मिला। जिस बेटी की सुरक्षित घर वापसी के लिए परिजन देवालयों में मन्नतें मांग रहे थे, उसका क्षत-विक्षत शव देख पूरे इलाके में कोहराम मच गया। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए वज्रपात है, बल्कि पुलिस और सुरक्षा तंत्र के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
घटनाक्रम की शुरुआत 21 जनवरी की रात करीब 9 बजे हुई थी, जब सुरेश भील मीणा की पुत्री अंजू बिना किसी को कुछ बताए घर से अचानक निकल गई। रात ढलने के साथ जब बेटी वापस नहीं लौटी, तो परिजनों की बेचैनी बढ़ती गई। आसपास के खेतों, सगे-संबंधियों और संभावित ठिकानों पर रात भर तलाश की गई, लेकिन अंजू का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। थक-हारकर परिजनों ने हथुनिया थाने की शरण ली और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। थाना प्रभारी सीआई उदयवीर सिंह के निर्देशन में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फोटो के माध्यम से बस स्टैंड, बाजारों और नजदीकी गांवों में सघन तलाशी अभियान चलाया, किंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था।
शनिवार सुबह करीब 7 बजे जब ग्रामीण खेतों की ओर निकले, तो गांव के बाहर स्थित एक कुएं में संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। पास जाकर देखने पर पता चला कि वह अंजू का शव था। तीन दिनों तक पानी में रहने के कारण शव गलने लगा था, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की सहायता से भारी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। पुलिस ने तत्काल शव को मोर्चरी भिजवाया, जहां मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।
मामले की गंभीरता और संभावित संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। मौके पर तुरंत एमओबी (MOB) और एफएसएल (FSL) की टीमों को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घटना स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और कुएं के आसपास के पदचिह्नों व अन्य कड़ियों का बारीकी से मुआयना किया। थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने स्पष्ट किया है कि पुलिस हर संभावित कोण से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल के वैज्ञानिक निष्कर्षों के आधार पर ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, बड़ोदिया गांव में पसरा सन्नाटा इस अनसुलझी मौत के पीछे छिपे रहस्यों और एक मासूम की असमय विदाई पर कई सवाल खड़े कर रहा है।

Pratahkal Bureau
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