प्रतापगढ़। छोटीसादड़ी क्षेत्र के ग्राम पंचायत बंबोरी में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई गहरी होती जा रही है। एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं गांवों के चहुंमुखी विकास और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, वहीं दूसरी ओर बंबोरी गांव की वर्तमान स्थिति प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ा रही है। गांव के नई आबादी क्षेत्र में पसरी अव्यवस्थाओं ने मुख्यमंत्री के हालिया दौरे के बाद भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्षेत्र की नई आबादी में नालियां पूरी तरह गाजर घास से अटी पड़ी हैं और जाम होने के कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर सैलाब की तरह बह रहा है। ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व प्रशासन और पंचायत स्तर पर चकाचक व्यवस्थाओं और साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, किंतु वास्तविक तस्वीर इसके ठीक उलट है। मुख्य गलियों में उगी गाजर घास न केवल गंदगी बढ़ा रही है, बल्कि इससे जहरीले कीट-पतंगों का खतरा भी उत्पन्न हो गया है, जिससे स्थानीय निवासी निरंतर भय के साए में जी रहे हैं।

गंदगी, बदबू और कीचड़ के कारण नई आबादी क्षेत्र के निवासियों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को बार-बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। स्थिति यह है कि नालियों की नियमित सफाई के अभाव में जमा हुआ मलबा और गंदा पानी अब गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहा है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मानसून की दस्तक से पूर्व नालियों की मुकम्मल सफाई नहीं हुई और गाजर घास को नहीं हटाया गया, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि जब सूबे के मुखिया के दौरे के समय भी गांव की तस्वीर नहीं बदली, तो आम दिनों में व्यवस्थाओं के सुधार की उम्मीद करना बेमानी लगता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नई आबादी क्षेत्र की सुध लेते हुए तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए और सड़कों पर फैल रहे गंदे पानी की समस्या का स्थाई समाधान सुनिश्चित कर जनता को इस नारकीय जीवन से मुक्ति दिलाई जाए।

Pratahkal HQ

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