प्रतापगढ़। राजस्थान के धरियावद क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब एक बड़े जनाक्रोश का रूप ले लिया है। कुवैत में रहकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले मृतका के पति ने अपनी पत्नी की मौत को साधारण घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश, दुष्कर्म और नृशंस हत्या करार दिया है। न्याय की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में महिलाओं और समाज के लोगों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर दस्तक दी और दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

घटनाक्रम की शुरुआत 7 जनवरी की रात से होती है, जब धरियावद के एक किराए के मकान में हेमलता अपनी छोटी पुत्री के साथ रह रही थी। परिजनों द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार, 8 जनवरी की सुबह उन्हें सूचना मिली कि हेमलता पर जानलेवा हमला हुआ है और वह लहूलुहान अवस्था में है। उसे गंभीर हालत में तत्काल स्थानीय अस्पतालों से होते हुए उदयपुर के एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसने संघर्ष करते हुए 9 जनवरी की तड़के दम तोड़ दिया। वर्तमान में मृतका का शव मोर्चरी में रखा हुआ है, लेकिन परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे।

मृतका के पति और परिजनों ने इस पूरे प्रकरण में विजय चौधरी नामक व्यक्ति पर सीधे आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि विजय चौधरी ने हेमलता के साथ जबरदस्ती की और विरोध करने पर चाकू से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं, परिजनों ने इस घिनौने अपराध में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका व्यक्त की है। आरोप है कि हेमलता को लंबे समय से अवैध पैसों की मांग और धमकियों के जरिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का यह भी कहना है कि आरोपी पक्ष द्वारा साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है और वर्तमान में पूरा परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर है।

एसपी कार्यालय पहुंचे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों और महिलाओं ने एक स्वर में मांग की है कि इस मामले में हत्या और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी विजय चौधरी सहित तमाम साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जाए। प्रदर्शन के दौरान यह चेतावनी भी दी गई कि यदि पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की, तो सर्वसमाज द्वारा उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ज्ञापन स्वीकार किया और परिजनों को आश्वस्त किया कि पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून सम्मत उचित कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अब सबकी नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या सात समंदर पार से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे एक पति को उसकी पत्नी की मौत का इंसाफ मिल पाएगा।

Dilip Sen, Pratapgarh

Dilip Sen, Pratapgarh

नाम: दिलीप सेन

वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म

परिचय 

दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक भास्कर
  • सीधा सवाल
  • सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
  • प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।

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