जयपुर में महिला कांग्रेस का हुंकार: महिला सुरक्षा और मनरेगा के मुद्दे पर भाजपा सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सियासी सरगर्मी उस वक्त तेज हो गई जब राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के गलियारों से महिला शक्ति की बुलंद आवाज गूंजी। प्रदेश महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक में संगठन ने सीधे तौर पर सत्ताधारी भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश में बिगड़ती महिला सुरक्षा और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की अनदेखी को लेकर कांग्रेस ने अब सड़कों पर उतरने का निर्णायक मन बना लिया है। इस बैठक ने न केवल संगठन की भविष्य की रणनीति तय की, बल्कि सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैठक की गरिमा को बढ़ाते हुए अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं राजस्थान प्रभारी नूरी खान, राष्ट्रीय सचिव दीप्ति सिंह तथा राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सारिका सिंह ने संयुक्त रूप से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में संगठन की मजबूती को समय की सबसे बड़ी मांग बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक महिला कांग्रेस जमीनी स्तर पर सक्रिय और प्रभावी नहीं होगी, तब तक जनसमस्याओं का समाधान संभव नहीं है। मंच का कुशल संचालन राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव रिक्की सिंह हंतरा ने किया, जिन्होंने चर्चा के बिंदुओं को सुव्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया।

इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रतापगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व विशेष रूप से चर्चा में रहा। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष नेहा शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश नेतृत्व को आश्वस्त किया कि वे जिले के कोने-कोने तक संगठन की आवाज पहुंचाएंगे। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष लता शर्मा और सुनीता सरपंच (बड़ी लांक) सहित कई उत्साही कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रतापगढ़ की टीम ने प्रदेश नेतृत्व का आभार जताते हुए संकल्प लिया कि महिला सुरक्षा और अधिकारों की इस लड़ाई को जिले के ब्लॉक और पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा।

बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध रहे। महिला कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और भाजपा सरकार महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में अक्षम साबित हुई है। इसके साथ ही, मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर करने के सरकारी प्रयासों की भी कड़ी निंदा की गई। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि महिला कांग्रेस जल्द ही पूरे प्रदेश में एक चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी, जिसमें जनजागरूकता अभियान के माध्यम से सरकार की विफलताओं को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।

इस बैठक का समापन एक सशक्त संकल्प के साथ हुआ, जिसमें अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़ने और उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने की बात कही गई। यह आयोजन राजस्थान की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है, जहाँ अब महिलाएं लामबंद होकर सरकार की नीतियों को चुनौती देने के लिए तैयार खड़ी हैं।

Dilip Sen, Pratapgarh

Dilip Sen, Pratapgarh

नाम: दिलीप सेन

वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म

परिचय 

दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक भास्कर
  • सीधा सवाल
  • सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
  • प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।

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