छोटीसादड़ी में 25 हजार का इनामी बदमाश लक्ष्मण मोग्या गिरफ्तार
पुलिस टीम पर पथराव और 15 फीट गहरी खाई में कूदने के बाद आरोपी दबोचा गया, सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर फैलाता था दहशत।

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में छोटीसादड़ी थाना पुलिस, जिला विशेष टीम (DST) और साइबर सेल ने एक संयुक्त और साहसिक कार्रवाई को अंजाम देते हुए 25 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी लक्ष्मण मोग्या को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा तथा वृत्ताधिकारी रामेश्वरलाल के मार्गदर्शन में थाना अधिकारी प्रवीण टांक के नेतृत्व वाली टीम ने इस चुनौतीपूर्ण अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। आरोपी लक्ष्मण मोग्या लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उसके विरुद्ध कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज थे।
घटनाक्रम की शुरुआत 9 मई को हुई जब बरवाड़ा नाका निवासी राधेश्याम रेगर ने छोटीसादड़ी थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवादी के अनुसार, 8 मई की रात करीब 9 बजे लक्ष्मण मोग्या अपने साथियों कन्हैयालाल, कवरलाल, धनराज और ताराचंद के साथ उसकी दुकान पर पहुँचा और उधार सामान की मांग की। राधेश्याम द्वारा मना किए जाने पर आक्रोशित आरोपियों ने न केवल उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि बाहर खड़ी ओमनी कार के शीशे भी तोड़ दिए। दुस्साहस की पराकाष्ठा तब हुई जब बदमाशों ने दुकान में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश तेज की।
मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर कि आरोपी देवाक माता क्षेत्र के जंगलों में छिपा है, उप निरीक्षक रविन्द्र पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस, डीएसटी और साइबर टीम ने जंगल में घेराबंदी की। गिरफ्तारी के दौरान लक्ष्मण मोग्या ने पुलिस टीम पर पहाड़ी से बड़ा पत्थर फेंककर जानलेवा हमला किया, जिसमें उप निरीक्षक रविन्द्र पाटीदार बाल-बाल बच गए। स्थिति को नियंत्रित करने और आरोपी को रोकने हेतु पुलिस ने पंप एक्शन गन से दो हवाई फायर किए। पुलिस के बढ़ते दबाव को देख आरोपी भागते समय करीब 15 फीट गहरी खाई में कूद गया। पुलिस ने तत्काल उसे बाहर निकाला और उपचार हेतु जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ में भर्ती कराया, जहाँ से स्वस्थ होने के उपरांत उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि लक्ष्मण मोग्या और उसकी गैंग लूटपाट, वाहन छीनने और मारपीट जैसी वारदातों को अंजाम देने के बाद उनके वीडियो जानबूझकर सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर अपलोड करते थे। इन वीडियो को वायरल कर आरोपी पूरे इलाके में दहशत और भय का माहौल बनाता था। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अपराधी के खौफ का अंत हुआ है, बल्कि आमजन में सुरक्षा का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

Pratahkal Bureau
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