छोटीसादड़ी। विकास की अंधी दौड़ और प्रशासनिक अनदेखी के बीच छोटीसादड़ी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न केवल शहर के पारिस्थितिक तंत्र को खतरे में डाल दिया है, बल्कि मानसून के दौरान हजारों जिंदगियों पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। नगर के प्रमुख प्राकृतिक नाले के वजूद को मिटाकर उस पर खड़ी की गई अवैध दुकानों के खिलाफ अब जन-आक्रोश फूट पड़ा है। इस गंभीर जनसमस्या को लेकर जागरूक नागरिक रत्नेश कुमार कोठारी ने सीधे राजस्थान के मुख्य सचिव, उदयपुर संभागीय आयुक्त और प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर इस सुनियोजित अतिक्रमण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मामला छोटीसादड़ी नगर के नीमच रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के समीप का है, जहां से गुजरने वाले एक विशाल प्राकृतिक नाले की भौगोलिक संरचना को भूमाफियाओं ने अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए तहस-नहस कर दिया है। रत्नेश कुमार कोठारी द्वारा प्रेषित शिकायत के अनुसार, जो नाला पूर्व में लगभग ५० फीट की चौड़ाई के साथ अबाध जल निकासी का मार्ग प्रशस्त करता था, उसे अब अवैध निर्माणों के जरिए संकीर्ण गलियारे में तब्दील कर दिया गया है। नाले की जमीन पर न केवल दुकानें तान दी गई हैं, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड के विपरीत इसकी श्रेणी और किस्म में भी गैर-कानूनी बदलाव किए जाने के आरोप लगे हैं।

इस अवैध निर्माण का सबसे खौफनाक पहलू वर्षा ऋतु में देखने को मिलता है। जब बादलों की गर्जना के साथ पानी का सैलाब आता है, तो निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण आसपास की कॉलोनियां जलमग्न हो जाती हैं। जलभराव की इस भयावह स्थिति से न केवल लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आवागमन पूरी तरह ठप्प होने से आमजन का जीवन भी दांव पर लगा है। यह पूरी कवायद नगर निकायों के नियमों की धज्जियां उड़ाने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवालिया निशान खड़े करती है।

रत्नेश कुमार कोठारी ने अपने पत्र में प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस नाले की अविलंब तकनीकी नपती करवाई जाए ताकि इसके मूल स्वरूप का पता चल सके। उन्होंने मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए नाले पर हुए सभी पक्के अतिक्रमणों को तुरंत ध्वस्त किया जाए और इस कृत्य में संलिप्त दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या की मार झेल रहे हैं, लेकिन अब और अनदेखी उनके धैर्य की परीक्षा लेने के समान होगी। अब देखना यह है कि राजधानी और जिला मुख्यालय से मिली इस दस्तक के बाद क्या प्रशासन नींद से जागेगा और कुदरती नाले को उसका हक वापस मिल पाएगा।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story