प्रतापगढ़ में भगवानपुरा में किसान सम्मेलन: 22 गांवों के 400 किसानों ने लिया भाग
प्रतापगढ़ के भगवानपुरा में प्रगति फाउंडेशन और रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से किसान सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें 22 गांवों के 400 किसानों ने भाग लिया। सम्मेलन में उन्नत कृषि पद्धतियों, स्वरोजगार, पशुपालन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रतापगढ़ | ग्राम भगवानपुरा में प्रगति फाउंडेशन द्वारा रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित “द इम्प्रूविंग सेल्फ-रिलायंस एंड रेज़िलिएंट रूरल कम्युनिटीज़” परियोजना के तहत एक भव्य किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में सुहागपुरा और धमोतर ब्लॉक के 22 गांवों से लगभग 400 किसानों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में आत्मा परियोजना से निदेशक गोपाल नाथ योगी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक श्रीनिवास, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान के श्रीनिवास, कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी, एफईएस संस्था से महिपाल सिंह सिसोदिया, पहल फाउंडेशन से मोहम्मद वसीम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रगति फाउंडेशन से परियोजना समन्वयक प्रवीण कुमार वैष्णव ने सम्मेलन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि संस्था प्रतापगढ़ जिले में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्य कर रही है, जिसका मुख्य लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति सक्षम बनाना है।
सम्मेलन में गोपाल नाथ योगी ने किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान के प्रतिनिधि श्रीनिवास ने स्वरोजगार, स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने और कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को कृषि, पशुपालन, आजीविका, स्वरोजगार एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़ी नवीन योजनाओं की जानकारी दी। रिलायंस फाउंडेशन से जिला परियोजना प्रबंधक विक्रम सिंह सिसोदिया ने परियोजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पहल गांवों को आत्मनिर्भर और जलवायु-सक्षम बनाने की दिशा में है।
पशुपालन विभाग के डॉ. गौरव ने पशुओं के रखरखाव, मौसमी बीमारियों और टीकाकरण पर विस्तार से जानकारी दी। एफईएस संस्था से महिपाल सिंह ने ग्राम विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, विशेषकर चारागाह विकास पर किसानों को जागरूक किया। राजीविका प्रतापगढ़ से आजीविका प्रबंधक कपिल सोनी ने महिलाओं को विभागीय योजनाओं और आजीविका विकास से जुड़ी पहलों की जानकारी दी।
सम्मेलन में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इसमें कृषि की नई तकनीकें, स्प्रे मशीन, रेन पाइप, बकरी पालन बाड़ा मॉडल, बीज उपचार मशीन, पशु चिकित्सा किट, ग्राम विकास प्लान मॉडल, फेरोमोन ट्रैप, येलो स्टिक, स्प्रिंकलर और चारागाह विकास से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की गईं।
कार्यक्रम में प्रगति फाउंडेशन की टीम से प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रवीण वैष्णव, थीम कोऑर्डिनेटर विनिता चौहान, दुर्गा शंकर कुमावत, मदन लाल मीणा, पिंटू कुमार मीणा, राजू लाल गायरी, रणजीत मीणा, पुष्कर गायरी, पुष्कर लाल मीणा, गायत्री कुमावत और निर्मला मीणा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना, सतत विकास को बढ़ावा देना और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना रहा। इस पहल से प्रतापगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि, पशुपालन और स्वरोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं और अवसरों का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
