धरियावद क्षेत्र में मंगलवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। क्षेत्र में 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की भीषण रफ्तार से चली तेज हवाओं और अंधड़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। इस प्राकृतिक प्रकोप के कारण नगर के कई दुकानदारों के दुकानों पर लगे टीन शेड और चद्दर ताश के पत्तों की तरह हवा में उड़ गए, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।

अंधड़ की तीव्रता इतनी अधिक थी कि क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में कई विशालकाय और पुराने पेड़ जड़ से उखड़कर धराशायी हो गए। कई स्थानों पर मुख्य सड़कों के किनारे पेड़ गिरने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध होने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। तेज हवाओं का यह दौर थमने के पश्चात धरियावद और आसपास के ग्रामीण अंचलों में हल्की बरसात और बूंदाबांदी का क्रम शुरू हुआ, जिसने वातावरण में ठंडक तो घोली लेकिन साथ ही तबाही के निशान भी पीछे छोड़ दिए। मौसम विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान धरियावद क्षेत्र में हवा की गति 40 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई, जिसके साथ ही विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश भी रिकॉर्ड की गई है। इस अचानक आए मौसम परिवर्तन ने समूचे क्षेत्र में दहशत और भारी नुकसान का माहौल पैदा कर दिया है।

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