धरियावद में रहस्यमय बीमारी से दो बच्चों की मौत, विधायक ने सरकार को घेरा
राजस्थान के धरियावद में अज्ञात बीमारी का प्रकोप, स्वास्थ्य विभाग ने मौतों की पुष्टि से किया इनकार, विधायक ने जनजातीय क्षेत्र की अनदेखी का लगाया आरोप।

धरियावद विधानसभा क्षेत्र के लसाड़िया में रहस्यमय बीमारी से हुई मौतों का सिलसिला अभी थमा भी नहीं था कि अब धरियावद तहसील क्षेत्र में भी इस अज्ञात बीमारी ने घातक दस्तक दे दी है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में भारी हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धरियावद तहसील क्षेत्र के एक गांव में इस रहस्यमय बीमारी की चपेट में आने से 15 माह के एक मासूम की मौत हो गई है। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक की दो अन्य ग्राम पंचायतों में भी विगत 10 दिनों के भीतर इसी संदिग्ध बीमारी से दो और मासूमों की जान जाने की सूचना प्राप्त हुई है। इन हृदयविदारक घटनाओं के बीच जब धरियावद चिकित्सा विभाग से संपर्क कर जानकारी चाही गई, तो विभाग ने इस रहस्यमय बीमारी की पुष्टि करने से साफ इनकार कर दिया और मौतों के पीछे अलग-अलग चिकित्सा कारणों का हवाला दिया।
हालांकि, मौतों की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने संबंधित प्रभावित ग्रामों में सर्वे टीमें भेजकर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध क्षेत्रों से नमूने लेने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। धरातल पर स्थिति यह है कि कई स्थानों पर बच्चों के बीमार होने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास के चलते देवरों में झाड़-फूंक करवाने में लगे हैं, जिससे बीमारी और मर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात गंभीर होने पर ही उन्हें अन्यत्र ले जाया जा रहा है।
इस संकटपूर्ण स्थिति के बीच धरियावद विधायक थावरचंद डामोर ने उन प्रभावित ग्रामों का सघन दौरा किया जहां मासूमों की मौत हुई है। विधायक ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस दौरान राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा। विधायक डामोर ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह रहस्यमय बीमारी केवल लसाड़िया और धरियावद ही नहीं, बल्कि पूरे ट्राइबल एरिया (जनजातीय क्षेत्र) में पैर पसार रही है, लेकिन सरकार आदिवासियों के बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्होंने सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में लगातार मासूम बच्चों की जान जा रही है, परंतु अब तक सरकार के किसी मंत्री ने इन इलाकों का दौरा तक नहीं किया है। विधायक ने स्पष्ट आरोप लगाया कि विभाग इस पूरे मामले के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है।

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