राजस्थान के धरियावद क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय ग्रामीणों ने केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र भेजकर बांसी–धरियावद–प्रतापगढ़ तथा धरियावद–मंदसौर रेल लाइन के लिए तत्काल ‘फाइनल लोकेशन सर्वे’ (FLS) स्वीकृत करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने अपने पत्र में क्षेत्र की दशकों पुरानी रेल सुविधा की प्रतीक्षा को प्रमुखता से उजागर किया है।

ग्रामीणों ने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रतापगढ़ जिला राजस्थान का एकमात्र ऐसा जिला है, जो आजादी के इतने वर्षों बाद भी रेल नेटवर्क से पूरी तरह वंचित है। यहां रेलवे स्टेशन के अभाव के कारण लोगों को शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए लंबी दूरी की यात्रा सड़क मार्ग से तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अधिक खपत होती है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस स्थिति ने क्षेत्र के विकास की गति को प्रभावित किया है।

पत्र में ग्रामीणों द्वारा बांसी–धरियावद–प्रतापगढ़ अथवा धरियावद–मंदसौर रेल खंड पर तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता सर्वे को तत्काल मंजूरी देने की मांग की गई है। इसके साथ ही डीपीआर सर्वे के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने और आगामी रेल बजट में इस प्रस्तावित रेल लाइन के लिए विशेष वित्तीय प्रावधान किए जाने की भी अपील की गई है। यह मांग Ministry of Railways को भेजे गए पत्र के माध्यम से रखी गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि रेल सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी तथा लंबे समय से लंबित बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा किया जा सकेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस पुरानी मांग पर कब और क्या निर्णय लेती है।

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