छोटीसादड़ी। लोकतंत्र में जब शांतिपूर्ण आवाज को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की जाती है, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर सैलाब बनकर उमड़ पड़ता है। छोटीसादड़ी के उप जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और चिकित्सकों की कमी को लेकर पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता मनीष उपाध्याय को पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने की घटना ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। इस दमनकारी कार्रवाई के विरोध में सोमवार को पूरा छोटीसादड़ी नगर स्वतः स्फूर्त बंद रहा और नागरिकों ने अपनी एकता का परिचय देते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।

घटनाक्रम की शुरुआत रविवार को हुई, जब पुलिस प्रशासन ने 'ऊपरी आदेश' का हवाला देते हुए अस्पताल परिसर के बाहर लोकतांत्रिक तरीके से अनशन कर रहे मनीष उपाध्याय को जबरन उठा लिया। जैसे ही इस घटना की खबर आग की तरह फैली, समूचे नगर में प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त हो गया। सोशल मीडिया पर नगर बंद के आह्वान को व्यापारियों और आमजन का अभूतपूर्व समर्थन मिला। सोमवार सुबह से ही बाजार के शटर नहीं खुले और गलियों में सन्नाटा पसरा रहा, जो प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ एक मूक लेकिन सशक्त विरोध था।

सुबह करीब 11 बजे नगर के प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में आमजन गांधी चौराहे पर एकत्रित हुए। यहाँ से एक विशाल पैदल जुलूस निकाला गया, जो नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुँचा। जुलूस में शामिल लोग 'लोकतंत्र की हत्या बंद करो' और 'नागरिक अधिकारों का हनन नहीं सहेंगे' जैसे नारे लगा रहे थे। एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने उपखंड अधिकारी (SDM) यतीन्द्र पोरवाल को राज्यपाल के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि मनीष उपाध्याय द्वारा 1 जनवरी से किया जा रहा आमरण अनशन पूर्णतः अहिंसक और संवैधानिक था। उनका उद्देश्य केवल चिकित्सालय में बुनियादी सुविधाओं और चिकित्सकों की मांग करना था, जिससे कानून-व्यवस्था को कोई खतरा नहीं था। इसके बावजूद पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई को भारतीय संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत आजादी का उल्लंघन करार दिया गया। नगरवासियों ने राज्यपाल से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय व संवैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को यह चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में जनहित के मुद्दों पर होने वाले शांतिपूर्ण आंदोलनों पर इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह आंदोलन न केवल एक कार्यकर्ता के समर्थन में था, बल्कि छोटीसादड़ी की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुधारने की एक सामूहिक पुकार भी बन गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद नगरवासियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि प्रशासन जनहित की मांगों को संवेदनशीलता से हल नहीं करता है, तो आने वाले समय में यह संघर्ष और अधिक तीव्र हो सकता है।

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Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)

नाम: शैलेन्द्र सिंह यादव (Shelendra Singh Yadav)

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)

अनुभव: 10 वर्षों से अधिक

परिचय 

शैलेन्द्र सिंह यादव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटीसादड़ी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सामाजिक, धार्मिक एवं जमीनी हकीकत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और समाचार एकत्रित कर उन्हें प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।

बीट और कवरेज (Beats & Coverage)

वह अपने कार्यक्षेत्र से निम्नलिखित सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं:

  • राजनीति: स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचार।
  • क्राइम: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अपराध से संबंधित मामले।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की

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