महिला कांस्टेबल आत्महत्या प्रकरण: डिजिटल साक्ष्यों ने खोले राज, आरोपी कांस्टेबल गिरफ्तार
छोटीसादड़ी थाना परिसर में महिला कांस्टेबल की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साथी सिपाही राहुल लबाना को गिरफ्तार किया।

थाना परिसर स्थित पुलिस क्वार्टर में महिला कांस्टेबल की आत्महत्या के मामले में जांच ने महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है। साइबर जांच, मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल राहुल लबाना को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
गौरतलब है कि 28 मई को छोटीसादड़ी थाना परिसर के सरकारी क्वार्टर में महिला कांस्टेबल का शव फंदे से लटका हुआ मिला था। घटना के बाद क्षेत्र में व्यापक आक्रोश देखने को मिला और विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा समुदायों ने न्याय की मांग को लेकर नगर बंद का आह्वान किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गहन और बहुआयामी जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी कांस्टेबल राहुल लबाना की लगभग तीन माह पूर्व शादी हो चुकी थी। इसके बावजूद वह महिला कांस्टेबल के संपर्क में था और उस पर दोस्ती तथा शादी करने का दबाव बना रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी महिला कांस्टेबल के अन्य लोगों से बातचीत करने पर भी आपत्ति जताता था और लगातार संपर्क बनाए रखने का प्रयास करता था। इन परिस्थितियों के कारण महिला कांस्टेबल मानसिक तनाव से गुजर रही थी।
मामले की तकनीकी जांच में मृतका का मोबाइल फोन अहम साक्ष्य साबित हुआ। मोबाइल से प्राप्त व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार आत्महत्या वाली रात आरोपी और महिला कांस्टेबल के बीच वीडियो कॉल पर विवाद हुआ था। इसके अलावा घटना वाले दिन दोनों के एक ही स्थान पर मौजूद होने की पुष्टि मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड से हुई है। तकनीकी साक्ष्यों के मिलान के बाद जांच एजेंसियों ने घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़ा।
जांच में यह भी सामने आया कि महिला कांस्टेबल ने अपने सहयोगी कांस्टेबल रामराज को भेजे संदेशों में मानसिक तनाव और अवसाद की जानकारी साझा की थी। संदेशों में उसने लगातार दबाव और मानसिक परेशानी का उल्लेख किया था, जिन्हें जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया।
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि साइबर टीम, तकनीकी विशेषज्ञों और अनुसंधान अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों से मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा हुआ है। डिजिटल साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और आगे भी सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी।

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)
नाम: शैलेन्द्र सिंह यादव (Shelendra Singh Yadav)
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)
अनुभव: 10 वर्षों से अधिक
परिचय
शैलेन्द्र सिंह यादव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटीसादड़ी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सामाजिक, धार्मिक एवं जमीनी हकीकत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और समाचार एकत्रित कर उन्हें प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।
बीट और कवरेज (Beats & Coverage)
वह अपने कार्यक्षेत्र से निम्नलिखित सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं:
- राजनीति: स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचार।
- क्राइम: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अपराध से संबंधित मामले।
- प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
- बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की
