छोटीसादड़ी। सिंधी समाज द्वारा चेटी चंड के पावन अवसर पर गुरुवार को नगर में श्रद्धा और उत्साह के साथ विविध धार्मिक आयोजन किए गए। भगवान झूलेलाल के अवतरण दिवस के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व पर सुबह से ही भक्तिमय वातावरण बना रहा।

नववर्ष और जल पूजन का उल्लास

समाज के अध्यक्ष डॉ. बृजेश प्रयानी ने बताया कि "चेटी चंड सिंधी समाज का नववर्ष भी है, जिसे नए आरंभ और नई उम्मीदों के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जल के देवता माने जाने वाले भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।" प्रातःकाल समाज के महिला-पुरुषों ने तालाब किनारे एकत्रित होकर जल पूजन किया तथा पारंपरिक रूप से “बहराना साहिब” सजाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान दीप, नारियल, फल एवं कलश के साथ विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न हुआ।

सिंधु महल में भव्य भजन संध्या

रात्रि में नव-निर्मित सिंधु महल में बहराना साहिब के साथ भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें नीमच के भगवान भाई एवं उनकी पार्टी ने शानदार भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर महिला, पुरुष एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर समा बांध दिया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ सदस्य माधव दास, प्रेमचंद, दुर्गादास, प्रीतम, सचिव किशोर, कोषाध्यक्ष रविश, विष्णु, विजय, सुरेश, अशोक, रमेश, कन्हैया, राजू, राजकुमार, महेश, सुनील, श्याम सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

आस्था और पौराणिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सिंध क्षेत्र में अत्याचारों से त्रस्त लोगों की रक्षा के लिए वरुण देव ने झूलेलाल (उदेरोलाल) के रूप में अवतार लिया था। उन्होंने समाज को एकजुट कर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा दी। यही कारण है कि सिंधी समाज में झूलेलाल को संरक्षक और मार्गदर्शक के रूप में पूजा जाता है। चेटी चंड का यह पर्व एकता, आस्था और नई शुरुआत का संदेश देता है। इस अवसर पर समाजजन नए संकल्प लेते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।

Pratahkal Bureau

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