छोटीसादडी: बिना सीमेंट-बजरी के शौचालय निर्माण पर ग्रामीणों ने रुकवाया काम
हरिपुरा ग्राम पंचायत के संतोषपुरिया में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर ग्रामीणों ने जताया विरोध, पंचायत सचिव पर अभद्र व्यवहार का आरोप।

प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादडी उपखंड अंतर्गत संतोषपुरिया गांव में सामुदायिक शौचालय निर्माण स्थल पर घटिया सामग्री के विरोध में एकत्र हुए ग्रामीण।
छोटीसादडी। उपखंड क्षेत्र की नवगठित ग्राम पंचायत हरिपुरा के संतोषपुरिया गांव में सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां बनाए जा रहे एक सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा, जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को पूरी तरह रुकवा दिया।
सामुदायिक शौचालय निर्माण में मानकों की धज्जियां उड़ाए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि इस सरकारी योजना के तहत हो रहे निर्माण की नींव बिना पर्याप्त सीमेंट, बजरी और पानी के ही भरी जा रही थी। ग्रामीणों का स्पष्ट तौर पर कहना है कि बिना उचित निर्माण सामग्री के खड़ा किया जा रहा यह ढांचा भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, जो सीधे तौर पर जनहानि की आशंका को आमंत्रण देने जैसा है।
घटनाक्रम के अनुसार, जब सजग ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर मौके पर मौजूद पंचायत सचिव मिटू लाल मीणा से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल किए, तो सचिव की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उल्टा ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव मिटू लाल मीणा ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कहा, “दिमाग खराब मत करो, जो हो रहा है अच्छा हो रहा है।” सचिव के इस कथित गैर-जिम्मेदाराना बयान और बदसलूकी ने जलती आग में घी का काम किया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
नाराज ग्रामीणों ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य को बंद करवा दिया और ठेकेदार को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव ने ठेकेदार से बात कराने से भी साफ इनकार कर दिया। सरकारी निर्माण में इस कदर मची धांधली और हंगामे की जानकारी मिलते ही स्थानीय सरपंच ने तुरंत मामले में हस्तक्षेप किया। सरपंच ने ग्रामीणों के आक्रोश को जायज ठहराते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि विकास कार्यों में घटिया निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरपंच ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि वर्तमान में किए गए इस घटिया निर्माण कार्य को रोककर निरस्त किया जाएगा तथा अब नए ठेकेदार के माध्यम से पूरी गुणवत्ता के साथ नए सिरे से निर्माण कार्य कराया जाएगा।
फिलहाल, ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण कार्य में पूर्ण गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक किसी भी सूरत में दोबारा काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। यह घटना दर्शाती है कि ग्रामीण अंचलों में अब जनता अपने अधिकारों और सरकारी धन के सदुपयोग को लेकर पूरी तरह सतर्क हो चुकी है।

