छोटीसादड़ी के हिन्दू चौराहा स्थित शिव मंदिर परिसर में वर्ष 2009 में स्थापित 'पनघट योजना' की जल टंकी, जो कभी राहगीरों और तीन वार्डों के निवासियों के लिए जीवनदायिनी थी, आज प्रशासनिक उदासीनता का शिकार होकर मात्र एक ढांचा बनकर रह गई है। पिछले कई महीनों से इस टंकी में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है, जिससे स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। नागरिकों द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

घटनाक्रम के अनुसार, इस क्षेत्र के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत रही यह टंकी फरवरी माह से ही बिना किसी ठोस कारण के सूखी पड़ी है। स्थानीय नागरिकों ने उपखंड अधिकारी और नगरपालिका प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया था। प्रशासन के दबाव में गुरुवार को नगरपालिका के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और टंकी व नल की मरम्मत का कार्य तो किया, परंतु पानी की आपूर्ति बहाल करने में वे पूरी तरह विफल रहे। नागरिकों का आरोप है कि मरम्मत के नाम पर की गई यह कवायद केवल एक औपचारिक औपचारिकता मात्र है, क्योंकि जब तक टंकी में जलापूर्ति शुरू नहीं होती, तब तक इस व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं है।

इस विवाद के पीछे एक अन्य पहलू चारभुजा मंदिर संघ द्वारा जताई गई आपत्ति भी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में निर्मित व्यावसायिक दुकानों को नुकसान होने की आशंका के चलते यह विवाद उत्पन्न हुआ है, जिसके कारण निकाय द्वारा पेयजल सुविधा बाधित करने की चर्चाएं भी क्षेत्र में व्याप्त हैं। हालांकि, नगरपालिका प्रशासन ने अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे स्थिति और भी संदिग्ध हो गई है।

नागरिकों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। अपनी मांगों में उन्होंने जलापूर्ति की बहाली के साथ-साथ आपूर्ति बंद करने के आधिकारिक आदेश की प्रति और वर्ष 2014-15 में निर्मित व्यावसायिक दुकानों से संबंधित निर्माण अनुमति दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो वे कानूनी विकल्प अपनाने के साथ-साथ मामले को उच्च अधिकारियों, राज्य सरकार और मीडिया के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे। फिलहाल, इस उपेक्षित पनघट की नियति अब प्रशासन के आगामी कदम पर निर्भर है, और स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में यह टंकी दोबारा जीवनदायिनी बन पाएगी या फिर इसे प्रशासन की उदासीनता की भेंट चढ़ा दिया जाएगा।

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)

नाम: शैलेन्द्र सिंह यादव (Shelendra Singh Yadav)

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)

अनुभव: 10 वर्षों से अधिक

परिचय 

शैलेन्द्र सिंह यादव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटीसादड़ी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सामाजिक, धार्मिक एवं जमीनी हकीकत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और समाचार एकत्रित कर उन्हें प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।

बीट और कवरेज (Beats & Coverage)

वह अपने कार्यक्षेत्र से निम्नलिखित सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं:

  • राजनीति: स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचार।
  • क्राइम: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अपराध से संबंधित मामले।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की

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