छोटीसादड़ी। पंचायती राज संस्थाओं के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों को लेकर सरकार और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आर-पार के आंदोलन की तीखी चेतावनी दे दी है। विभाग द्वारा लगातार की जा रही अनदेखी से आक्रोशित छोटीसादड़ी ब्लॉक पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी इस नाराजगी को लेकर छोटीसादड़ी पंचायत समिति के विकास अधिकारी दिनेश मेघवाल को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने इस ज्ञापन के माध्यम से विभाग को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी करते हुए आगामी समय में किए जाने वाले उग्र आंदोलन की पूरी रूपरेखा से भी अवगत करा दिया है।

संगठन के पदाधिकारियों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से पंचायती राज विभाग मंत्रालयिक संवर्ग के करीब 16 हजार कर्मचारियों के प्रति लगातार पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण रवैया अपना रहा है। कर्मचारियों की मौलिक एवं पूरी तरह से न्यायोचित मांगों को कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 की चल रही जांच का अंतहीन हवाला देकर जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है, जबकि इसी विभाग के किसी अन्य संवर्ग के साथ ऐसा दोहरा और भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं किया गया है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि विभाग द्वारा एक ही भर्ती की विभिन्न स्तरों पर बार-बार जांच करवाई जा रही है, जिससे प्रक्रिया जानबूझकर उलझाई जा रही है। इसके साथ ही, मुख्य जांच अधिकारी को मंत्रालयिक कर्मचारियों के मामलों से पूरी तरह से पृथक करने की कर्मचारियों की बेहद जायज मांग को भी उच्च स्तर पर पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है।

कर्मचारियों ने अपनी शिकायतों को पुरजोर तरीके से रखते हुए यह संगीन आरोप भी लगाया कि पूरे मामले में गलत तथ्यों के आधार पर एक तरफा रिपोर्ट तैयार करवाई गई, ताकि उनकी जायज मांगों पर आगे कोई प्रशासनिक कार्रवाई न हो सके। संगठन ने इसे कर्मचारियों के लोकतांत्रिक हितों की खुली उपेक्षा करार देते हुए कहा कि विभाग और कुछ विशेष संगठनों की आपसी मिलीभगत के पुख्ता साक्ष्य समय-समय पर सरकार और उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं, परंतु इसके बावजूद भी मांगों पर अब तक कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। मंत्रालयिक कर्मचारियों ने दो टूक मांग की है कि विभिन्न प्रकार की जांचों के नाम पर उनकी जायज मांगों को और अधिक समय तक लटका कर न रखा जाए। संगठन ने सरकार को सीधे तौर पर सचेत किया है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र ही कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो पूरे प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी समस्त प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारी स्वयं सरकार और संबंधित विभाग की होगी।

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)

नाम: शैलेन्द्र सिंह यादव (Shelendra Singh Yadav)

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)

अनुभव: 10 वर्षों से अधिक

परिचय 

शैलेन्द्र सिंह यादव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटीसादड़ी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सामाजिक, धार्मिक एवं जमीनी हकीकत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और समाचार एकत्रित कर उन्हें प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।

बीट और कवरेज (Beats & Coverage)

वह अपने कार्यक्षेत्र से निम्नलिखित सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं:

  • राजनीति: स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचार।
  • क्राइम: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अपराध से संबंधित मामले।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की

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