छोटीसादड़ी के हड़मतिया जागीर में गवरी लोकनाट्य का मंचन, उमड़े ग्रामीण
भील समाज के कलाकारों ने हाट्या और बंजारा-बंजारी के खेल से मेवाड़ की सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत किया।

छोटीसादड़ी के हड़मतिया जागीर में गवरी लोकनाट्य का मंचन देखते ग्रामीण दर्शक।
छोटीसादड़ी। उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत हड़मतिया जागीर में मेवाड़ की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा गवरी इन दिनों अपने रंग में है। रविवार को गांव में गवरी के प्रसिद्ध हाट्या और बंजारा-बंजारी के खेल का मंचन हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों के सजीव अभिनय ने ग्रामीणों को देर तक बांधे रखा।
भील समाज के कलाकारों ने ढोल-मांदल की गूंज के बीच गवरी के विभिन्न पात्रों का जीवंत मंचन किया। हाट्या के खेल में जीवन के संघर्ष और सामाजिक प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया, वहीं बंजारा-बंजारी के खेल में प्रेम, संवाद और हास्य के प्रसंगों को रोचक अंदाज में मंचित किया गया। कलाकारों के अभिनय, संवाद और नृत्य ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। मीणा और बंजारा के बीच जोरदार टक्कर तथा बंजारी के सजीव अभिनय पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं।
गवरी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि मेवाड़ की सदियों पुरानी लोक संस्कृति और आदिवासी परंपरा का जीवंत स्वरूप मानी जाती है। रक्षाबंधन के दूसरे दिन से शुरू होने वाली गवरी करीब सवा महीने तक चलती है। इस दौरान गवरी खेलने वाले कलाकार कई कठिन नियमों और परंपराओं का पालन करते हैं। कलाकार भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की आराधना के साथ गांव-गांव पहुंचकर अलग-अलग लोक खेलों का मंचन करते हैं। गवरी में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेश, हास्य, व्यंग्य, लोककथाएं और नृत्य का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
गवरी के आयोजन के दौरान हड़मतिया जागीर सहित आसपास के गांवों में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। शाम होते ही ग्रामीण गवरी देखने के लिए आयोजन स्थल पर पहुंचने लगते हैं। बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक में गवरी को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गवरी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। आधुनिक दौर में भी ग्रामीण कलाकार जिस श्रद्धा और समर्पण के साथ इस लोक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, वह मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)
नाम: शैलेन्द्र सिंह यादव (Shelendra Singh Yadav)
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)
अनुभव: 10 वर्षों से अधिक
परिचय
शैलेन्द्र सिंह यादव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटीसादड़ी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सामाजिक, धार्मिक एवं जमीनी हकीकत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और समाचार एकत्रित कर उन्हें प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।
बीट और कवरेज (Beats & Coverage)
वह अपने कार्यक्षेत्र से निम्नलिखित सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं:
- राजनीति: स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचार।
- क्राइम: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अपराध से संबंधित मामले।
- प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
- बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की
