नगर पालिका चुनाव का शंखनाद होते ही छोटी सादड़ी में सियासी पारा चढ़ गया है। 25 वार्डों वाली नगर पालिका में इस बार मुकाबला केवल प्रत्याशियों की जीत-हार तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। पिछला बोर्ड कांग्रेस का रहा है। ऐसे में कांग्रेस के सामने बोर्ड की सत्ता बरकरार रखने के साथ अपनी राजनीतिक शाख बचाने की चुनौती है। वहीं भाजपा नगर पालिका में अपना बोर्ड बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

छोटी सादड़ी पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का गृह क्षेत्र भी है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह चुनाव स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रभाव और संगठन की पकड़ बनाए रखने की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा इसे नगर पालिका की सत्ता में बदलाव के मौके के रूप में देख रही है।

आज होंगे कार्यालयों के उद्घाटन

नगर के विभिन्न वार्डों में आज भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों के उद्घाटन के साथ ही मतदाताओं को लुभाने और मान-मनुहार का दौर शुरू हो जाएगा। दोनों दलों के प्रत्याशी और कार्यकर्ता चुनावी मैदान में सक्रिय होकर मतदाताओं के बीच पहुंचेंगे।

कांग्रेस के सामने बोर्ड बचाने की चुनौती

पिछले कार्यकाल में नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड रहा है। इस बार पार्टी ने सभी 25 वार्डों में प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। कांग्रेस ने आधे से अधिक वार्डों में अपने पुराने पार्षदों पर ही भरोसा जताया है, जिससे नए युवा मतदाताओं के नाराज होने की स्थिति बनी है। वहीं भाजपा ने ज्यादा से ज्यादा नए चेहरों को अपना प्रत्याशी बनाया है।

प्रत्याशी अब घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं। कांग्रेस के लिए चुनौती केवल वार्ड जीतने की नहीं, बल्कि अधिक से अधिक सीटें हासिल कर पालिका में फिर से बोर्ड बनाने की है। पार्टी समर्थक अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ और पिछले बोर्ड के कामकाज को भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बनाया जा रहा है।

भाजपा ने भी झोंकी पूरी ताकत

भाजपा ने भी सभी 25 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर कांग्रेस को सीधी चुनौती दी है। भाजपा की रणनीति इस बार नगर पालिका में सत्ता परिवर्तन कराने की नजर आ रही है। पार्टी कार्यकर्ता और प्रत्याशी वार्डों में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं।

भाजपा के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य कांग्रेस के मजबूत वार्डों में सेंध लगाने के साथ अपने समर्थक प्रत्याशियों की संख्या बढ़ाना है। यदि पार्टी पर्याप्त सीटें जुटाने में सफल होती है तो नगर पालिका में पहली बार अपना बोर्ड बनाने की राह खुल सकती है।

8 वार्डों में तीसरा कोण, बदल सकते हैं समीकरण

इस चुनाव में लोकतांत्रिक पार्टी ने भी 8 वार्डों में अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इससे कई वार्डों में मुकाबला सीधे कांग्रेस बनाम भाजपा न रहकर त्रिकोणीय हो गया है। इन वार्डों में तीसरे प्रत्याशी को मिलने वाला वोट जीत-हार का अंतर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल इन सीटों के समीकरण पर खास नजर रखे हुए हैं।

हाथ जोड़कर जनसंपर्क, सोशल मीडिया पर सियासी वार

प्रत्याशी सुबह से देर शाम तक वार्डों में घूमते नजर आ रहे हैं। कहीं हाथ जोड़कर समर्थन मांगा जा रहा है तो कहीं बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर जीत का भरोसा दिलाया जा रहा है। विकास, सड़क, नाली, सफाई, पानी और वार्ड की स्थानीय समस्याएं चुनावी मुद्दों में शामिल होने लगी हैं।

वहीं सोशल मीडिया ने चुनावी प्रचार को नई धार दे दी है। प्रत्याशी और समर्थक अपने पक्ष में पोस्ट और वीडियो प्रसारित करने के साथ विरोधियों पर कटाक्ष और आरोप-प्रत्यारोप भी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सोशल मीडिया की यह सियासी जंग और तेज होने की संभावना है।

असली ताकत का फैसला मतदाता करेंगे

कांग्रेस के सामने बोर्ड बचाने और अपनी राजनीतिक पकड़ कायम रखने की चुनौती है तो भाजपा के सामने सत्ता परिवर्तन कर अपना बोर्ड बनाने का लक्ष्य है। लोकतांत्रिक पार्टी की मौजूदगी ने कुछ वार्डों में मुकाबले का गणित और पेचीदा कर दिया है।

हालांकि प्रत्याशी अपने-अपने पक्ष में जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन मतदाता फिलहाल खामोश हैं। किसके वादों पर भरोसा किया जाएगा, किसकी व्यक्तिगत छवि काम आएगी और किस पार्टी का संगठन मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद कर पाएगा, इसका फैसला चुनाव परिणाम ही करेंगे।

छोटी सादड़ी में इस बार मुकाबला सिर्फ 25 वार्डों का नहीं है। यह कांग्रेस के लिए विरासत और शाख बचाने की लड़ाई है तो भाजपा के लिए नगर पालिका की सत्ता में प्रवेश का बड़ा मौका। अब देखना होगा कि मतदाता किसके सिर जीत का ताज सजाते हैं।

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)

नाम: शैलेन्द्र सिंह यादव (Shelendra Singh Yadav)

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)

अनुभव: 10 वर्षों से अधिक

परिचय 

शैलेन्द्र सिंह यादव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटीसादड़ी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सामाजिक, धार्मिक एवं जमीनी हकीकत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और समाचार एकत्रित कर उन्हें प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।

बीट और कवरेज (Beats & Coverage)

वह अपने कार्यक्षेत्र से निम्नलिखित सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं:

  • राजनीति: स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचार।
  • क्राइम: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अपराध से संबंधित मामले।
  • प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
  • बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की

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