केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव - हेमंत मीणा
राजस्थान के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने बजट को सर्वसमावेशी बताते हुए कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जिलेवार लाभ और विकास के रोडमैप पर चर्चा की।

प्रतापगढ़ मिनी सचिवालय में केंद्रीय बजट 2026 की बारीकियों पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते राजस्थान के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा।
बजट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन
प्रतापगढ़ मिनी सचिवालय सभागार में केंद्रीय बजट 2026 को लेकर एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता की अध्यक्षता राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने की। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को ऐतिहासिक, दूरदर्शी और सर्वसमावेशी बताया।
"यह बजट देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की संवेदनशील सोच का परिणाम है।"
विकसित भारत 2047 का रोडमैप
मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि किसान, गरीब, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमियों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने का रोडमैप है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को ध्यान में रखकर इस बजट को तैयार किया गया है, जो आने वाले समय में देश की आर्थिक और सामाजिक दिशा तय करेगा।
बजट की मुख्य विशेषताएं और प्राथमिकताएं
- कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- उद्योग और बुनियादी ढांचा: उद्योग क्षेत्र में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को गति देने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। रेलवे और विमानन जैसे बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में भी देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की स्पष्ट योजना दिखाई देती है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूरे देश में छात्रावास खोलने का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की घोषणा स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
सीतामाता अभयारण्य और क्षेत्रीय विकास
सीतामाता वन्य अभयारण्य को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा:
"बजट एक बड़े देश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया जाता है, इसकी कई बारीकियां आने वाले समय में सामने आएंगी। जैसे-जैसे विभिन्न योजनाओं का विस्तार होगा, वैसे-वैसे उनके प्रभाव भी स्पष्ट होते जाएंगे।"
केंद्र और राज्य का समन्वय एवं वित्तीय राहत
मंत्री मीणा ने केंद्र और राजस्थान सरकार के बीच बेहतर समन्वय का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है।
- नरेगा फंड: नरेगा की जो 1100 करोड़ रुपये की लंबित राशि थी, उसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर प्रदेश के लिए प्राप्त किया है।
- टैक्स स्लैब: टैक्स स्लैब में किए गए बदलावों से मध्यम वर्ग और करदाताओं को बड़ी राहत मिली है।
- जनता का विश्वास: आज टैक्स देने वाले व्यक्ति को पूरा भरोसा है कि उसका पैसा देश के विकास, बुनियादी ढांचे के सुधार और देश की दिशा-दशा बदलने में लग रहा है।
स्वास्थ्य और कौशल विकास पर जोर
स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोलते हुए मंत्री मीणा ने कहा कि भारत को शुगर कैपिटल कहा जाने लगा है। उन्होंने व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए बताया कि एक सामान्य व्यक्ति रोजाना लगभग 20 रुपये की दवा लेता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं और दवाइयों को सुलभ व किफायती बनाना बेहद जरूरी है, जिस पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
युवाओं और किसानों के लिए स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने कहा:
"नए कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। उद्योगों की जरूरत के अनुसार तकनीकी दक्षता विकसित की जाएगी, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।"
रोजगार सृजन और प्रशासनिक सुधार
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, यानी लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे नरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। आने वाले समय में न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
निष्कर्ष
अंत में मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि यह बजट सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और विकासोन्मुखी है। केंद्र सरकार के साथ मिलकर राजस्थान सरकार प्रदेश की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लगातार प्रयास करेगी।

Pratahkal Bureau
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