सुहागपुरा थाने के सीआई को हटाने की मांग तेज, भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रतापगढ़ में भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने सुहागपुरा थाने के सीआई पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। 16 जून की घटना, वायरल वीडियो और सड़क दुर्घटनाओं के मुद्दे ने मामले को गंभीर बना दिया है।

प्रतापगढ़ में भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने सुहागपुरा थाने के सीआई पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। 16 जून की घटना, वायरल वीडियो और सड़क दुर्घटनाओं के मुद्दे ने मामले को गंभीर बना दिया है।
सुहागपुरा थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर उठे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा की जिला इकाई ने सुहागपुरा थाने के सर्कल इंस्पेक्टर (सीआई) मनीष वैष्णव पर संगठन पदाधिकारियों एवं आमजन के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि सुहागपुरा-पीपलखूंट मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि की घटनाओं को लेकर पूर्व में प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था। संगठन का कहना है कि गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण जिला संयोजक बद्री भगोरा ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी और जवाबदेही की मांग की थी।
मोर्चा के अनुसार, 16 जून को इसी विषय पर चर्चा के दौरान सुहागपुरा थाने के सीआई मनीष वैष्णव ने जिला संयोजक के साथ असम्मानजनक एवं अभद्र व्यवहार किया। संगठन ने दावा किया कि इस घटना का वीडियो भी सार्वजनिक रूप से प्रसारित हुआ है, जिसके बाद क्षेत्र में आक्रोश और असंतोष का माहौल बन गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामाजिक संगठनों और नागरिकों को अपनी समस्याएं शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से प्रशासन के समक्ष रखने का अधिकार है। संगठन का आरोप है कि सड़क दुर्घटनाओं जैसे गंभीर मामलों पर कार्रवाई करने के बजाय सवाल पूछने पर दुर्व्यवहार किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने 16 जून की घटना की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाने, जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को पद से हटाने अथवा निलंबित करने तथा आरोप सही पाए जाने पर विभागीय और वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही सुहागपुरा-पीपलखूंट मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की गई है।
संगठन ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मांग उठाई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, उदयपुर रेंज के महानिरीक्षक तथा जिला पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।
यह मामला अब केवल कथित अभद्र व्यवहार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिक अधिकारों से जुड़े व्यापक सवालों को भी केंद्र में ले आया है। ऐसे में संबंधित जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
